उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाई जा रही मल्टियों की उपयोगिता पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिस क्षेत्र में 4 हजार कमरों की विशाल धर्मशाला, सिक्स लेन- फोर लेन- टू लेन सड़कें और प्रस्तावित यूनिटी मॉल जैसे बड़े प्रोजेक्ट आकार ले रहे हैं, वहीं उसी इलाके में अधूरी पड़ी प्रधानमंत्री आवास की मल्टियां प्रशासन के लिए नई चुनौती बनती जा रही हैं.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाई जा रही ये मल्टियां न तो पूरी हो सकी हैं और न ही अब तक हितग्राही यहां रहने आ पाए हैं. निर्माण अधूरा है, भुगतान अटका हुआ है और आसपास जिस तेजी से बड़े प्रोजेक्ट विकसित हो रहे हैं, उसे देखते हुए प्रशासन को आशंका है कि यदि इन मल्टियों को मौजूदा स्थान पर ही शुरू किया गया तो भविष्य में विवाद, अव्यवस्था और प्रतिबंधात्मक गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
मल्टी को शिफ्ट करने पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक, अब उज्जैन के अधिकारी इस पूरे मामले पर मंथन कर रहे हैं कि क्या प्रधानमंत्री आवास की इन मल्टियों को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है. यदि ऐसा होता है तो जहां अभी मल्टी का निर्माण हुआ है, वह बहुमूल्य जमीन सिंहस्थ से जुड़े किसी बड़े प्रोजेक्ट के काम आ सकती है.
2 मल्टीयां , दोनों अधूरी
दरअसल, सिंहस्थ 2016 के बाद मंछामन कॉलोनी और कानीपुरा क्षेत्र में गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मल्टी निर्माण की शुरुआत की गई थी. कानीपुरा मल्टी, मंछामन मल्टी के लिए केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों की राशि स्वीकृत की गई थी, साथ ही मंछामन मल्टी में 288 हितग्राहियों ने फ्लैट के लिए बुकिंग कराई थी.
गरीबों को फ्लैट देना प्राथमिकता
अब प्रशासन इस निष्कर्ष पर पहुंचता नजर आ रहा है कि गरीबों के लिए बनाई जा रही इन मल्टियों को ऐसे स्थान पर शिफ्ट किया जाए, जहां निर्माण तेजी से पूरा हो सके और हितग्राहियों को जल्द अपना आशियाना मिल सके। वहीं मौजूदा स्थल पर जो निर्माण हो चुका है, उसे किसी अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए उपयोग में लाया जा सके.
मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी बात
यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो इस संबंध में जल्द निर्णय लिया जा सकता है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा, ताकि सिंहस्थ की तैयारियों और प्रधानमंत्री आवास योजना-दोनों के बीच संतुलित और व्यवहारिक समाधान निकाला जा सके.
