
सीहोर। एक साल पहले राजस्थान में 134 पीटीआई की बर्खास्तगी के तार सीहोर की श्री सत्यसांई यूनिवर्सिटी और भोपाल की आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी से जुड़े सामने आए हैं। इस मामले की जांच कर रहे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने बुधवार को सीहोर की श्री सत्यसांई यूनिवर्सिटी, आरकेडीएफ भोपाल सहित ग्रुप के मालिक और सीए के यहां एक साथ छापामार कार्रवाई की है.
बुधवार दोपहर करीब 1.30 बजे टीम सीहोर स्थित श्री सत्यसांई युनिवर्सिटी पहुंची और मामले की जांच शुरू की. खास बात यह है कि ग्रुप की प्रारंभिक मांच में कई अनियमितताएं एवं लापरवाहियां सामने आई हैं. टीम को अंदेशा है कि जिन 67 पीटीआई ने अपनी डिग्री यहां की लगाई है वह डिग्री गलत तरीके से बैक डेट में बनी हैं, क्योंकि जिन डिग्री की जांच की जा रही है उनका फीस स्ट्रेक्चर यूनिवर्सिटी नहीं दे पाया. उल्लेखनीय कि कर्मचारी चयन आयोग राजस्थान ने शिक्षा विभाग में पीटीआई की भर्ती के लिए चयन परीक्षा आयोजित की थी.ऐसे में परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यार्थियों ने दूसरे विश्व विद्यालय की डिग्री दर्शाई थीं, लेकिन जब दस्तावेज सत्यापन हुआ तो उन्होंने दूसरे यूनिवर्सिटी की डिग्री सबमिट कीं थीं. ऐसे में शिक्षा विभाग में पीटीआई की भर्ती फर्जी डिग्री को लेकर 134 पीटीआई को बर्खास्त किया गया था.
बर्खास्त 134 पीटीआई के पास विभिन्न 18 यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री थी। इनमें से 100 पीटीआई के पास तो केवल 3 यूनिवर्सिटी जेएस यूनिवर्सिटी फिरोजाबाद, ओपीजेएस और श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी की डिग्री थी। शेष 34 के पास 15 विश्वविद्यालयों की डिग्री थी. जांच में पीटीआई भर्ती-2022 में नियुक्ति हुए इन अभ्यर्थियों के डेटा मिस मैस पाए गए. इन्होंने आवेदन के समय जो जानकारी दी थी, दस्तावेज सत्यापन के समय ना केवल यूनिवर्सिटी का नाम बदल दिया, बल्कि रोल नंबर और पास करने का वर्ष तक बदल दिया था. खास बात यह है कि विभाग ने जब इन पीटीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था तो इनमें से करीब 100 पीटीआई का तो एक ही जवाब था कि ई-मित्र और मानवीय गलती के कारण अंकतालिका का विवरण गलत दर्ज हो गया. विभाग ने इस जवाब को संतोषप्रद नहीं माना. विभाग ने कहा कि इस जवाब से प्रतीत होता है कि डिग्री बैकडेट में फर्जी तरीके से प्राप्त की गई है. इन तमाम गड़बडिय़ों की जांच करने आए एसओजी की टीम छानबीन में जुटी है. अधिकारियों की मानें तो जांच कल भी जारी रहेगी.
जानकारी नहीं देने पर हुआ शक, की कार्रवाई
मामले की जांच करने सीहोर की श्री सत्यसांई यूनिवर्सिटी राजस्थान से आए एडि. एसपी राजेश मेश्राम ने बताया कि कर्मचारी चयन आयोग राजस्थान ने पीटीआई की भर्ती निकाली थी। अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय अलग डिग्री लगाई थी, जबकि दस्तावेज सत्यापन में श्री सत्यसांई यूनिवर्सिटी की डिग्री लगाई थीं. हमने यूनिवर्सिटी से लिस्ट मांगी थी तो उन्होंने लिस्ट भेज दी. लेकिन जब हमने इन विद्यार्थियों का फीस स्ट्रक्चर और डिटेल मांगी वे नहीं दे पाए. जानकारी नहीं देने पर बुधवार को एक साथ भोपाल और सीहोर के चार ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की गई. सीहोर की सत्यसांई यूनिवर्सिटी के अलावा भोपाल की आरकेडीएफ तथा ग्रुप के मालिक और इनके सीए के यहां भी इसी तरह छापामार कार्रवाई करते हुए दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
8 राज्यों की यूनिवर्सिटी से बनवाई थी फर्जी डिग्री
बर्खास्त पीटीआई ने जिन युनिवर्सिटी से फर्जी तरीके से ये डिग्री बनवाई थीं वे देशभर के 8 अलग-अलग राज्यों की हैं. इनमें जेएस यूनिवर्सिटी फिरोजाबाद यूपी, ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चूरू राजस्थान, श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी सीहोर एमपी, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर राजस्थान, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी यूपी, इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी रेवाड़ी हरियाणा, एमएटीएस यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़, रवींद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी भोपाल एमपी, प्रो. राजेंद्र सिंह यूनिवर्सिटी प्रयागराज यूपी, साई नाथ यूनिवर्सिटी रांची झारखंड, संत गडगे बाबा अमरावती विवि अमरावती महाराष्ट्र, स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी सागर एमपी, बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल एमपी, कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़, भारती विद्या पीठ पुणे महाराष्ट्र, इंडियन नेवी पुणे महाराष्ट्र, टांटिया यूनिवर्सिटी गंगानगर राजस्थान और पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला पंजाब शामिल हैं.
