
इंदौर। छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद राज्य भर में दवा निर्माण इकाइयों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र में संचालित एक आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में फैक्ट्री से लिए गए सभी आयुर्वेदिक सिरप सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए, जिसके बाद संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मामला सांवेर तहसील के ग्राम धरमपुरी स्थित मेसर्स रेबीहांस हर्बल प्राइवेट लिमिटेड का है। छिंदवाड़ा सिरप कांड के बाद 18 दिसंबर 2025 को जिला प्रशासन और आयुष विभाग की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान आयुर्वेदिक सिरप के आठ सैंपल लेकर शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, आमखो (ग्वालियर) भेजे गए थे।
जांच रिपोर्ट में सभी सैंपल अमानक पाए गए। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में न तो निर्धारित प्रयोगशाला थी और न ही दवा निर्माण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और उपकरण मौजूद थे। फायर सेफ्टी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के मानकों का भी खुला उल्लंघन पाया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक अनियमितताओं के आधार पर फैक्ट्री को पहले ही सील कर दिया गया था। अब रिपोर्ट आने के बाद आयुष विभाग ने फैक्ट्री संचालक सुरेन्द्र सिंह राजपूत के खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और बीएनएस की धारा 277 के तहत थाना सांवेर में प्रकरण दर्ज कराया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी है।
