सीहोर/आष्टा. मंगलवार को भाजपा कार्यालय में एसआईआर को लेकर बैठक का आयोजन किया गया. इस मौके पर नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर, मंडल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति सहित बड़ी सं या में पार्षद मौजूद थे.
भाजपा जिलाध्यक्ष श्री मेवाड़ा ने कहा कि निर्वाचन प्रणाली को सुरक्षित रखने और अवांछनीय तत्वों को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए एसआईआर प्रक्रिया जरुरी है. उन्होंने भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही. अब कार्यकर्ता पूरी आस्था के साथ नवीन मतदाताओं को जोड़े और सक्रिय रहते कार्य करें. पुनरीक्षण अभियान में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे युवा वर्ग व छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में जोडऩे के लिए आवश्यक प्रपत्र लेकर कार्य पूर्ण करें. वहीं, कुछ बूथों पर आ रही बूथ मैपिंग के समस्या को लोगों ने अवगत कराया. नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने मतदाता सूची से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की. उन्होंने मतदाताओं से अपील की जिनके नाम अभी तक सूची में शामिल नहीं हुए हैं, वे फॉर्म भरकर बीएलओ को जमा करें. उन्होंने पार्षदों और भाजपा कार्यकर्ताओं से कार्य में तेजी लाने की जिम्मेदारी सौंपी. सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में अनिवार्य सम्मिलित हो जाएं.
भाजपा फार्म 7 का कर रही गलत उपयोग
आष्टा। चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही एसआईआर प्रक्रिया में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस के अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग एवं माइनॉरिटी के मतदाताओं को चिन्हित कर उनके नाम पर फार्म 7 भरकर आपत्ति दर्ज कराई जा रही है. ताकि उन लोगों के नाम मतदाता सूची में आने से वंचित रह जाए. भाजपा कार्यकर्ताओं के षडय़ंत्र के खिलाफ कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र शोभाखेड़ी एवं नगर अध्यक्ष जाहिद गुड्डू की अगुवाई में रिटर्निंग ऑफिसर नितिन टाले से मिला और जिस प्रकार से भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जिन लोगों की पूर्व में एसआईआर के तहत मैपिंग हो चुकी है. उन लोगों के नाम कटवाने के लिए फार्म 7 भरकर आपत्ति ली जा रही है और साथ ही शासकीय बी एल ओ पर दबाव बनाया जा रहा है कि उनकी गलत आपत्ति को भी सही मानकर नाम काटे जाएं. इस पूरी प्रक्रिया पर एसडीएम ने विश्वास दिलाया है कि किसी का भी नाम गलत तरीके से नहीं काटा जाएगा. हरपाल ठाकुर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि प्रत्येक बूथ पर 40-50 ऐसे मतदाता चिन्हित किया जाए. जो कांग्रेस के मतदाता हो और वह गरीब अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक वर्ग से आता हो के नाम पर फार्म 7 भरकर आपत्ति दर्ज करा कर उनको अंतिम मतदाता सूची से नाम कटवाने का काम करे.ताकि भविष्य में उनकी पार्टी के पक्ष में परिणाम आ सके.
