
सिंगरौली। कलेक्टर एवं संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग के जांच प्रतिवेदनों के आधार पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लमसरई में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर संभागायुक्त ने निलंबन की कार्रवाई की है।
विद्यालय के प्राचार्य उदय बहादुर सिंह को कर्तव्य में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता का दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विद्यालय का तीन बार आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि प्राचार्य बिना किसी पूर्व सूचना एवं सक्षम अनुमति के बार-बार विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि छात्रों से नि:शुल्क साइकिल वितरण के नाम पर प्रति छात्र 150 रुपये की अवैध वसूली की गई, जबकि कैशबुक, लेजरबुक सहित अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए, जो वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक पाई गई थी। छात्रों ने बताया कि नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होती थी, प्राचार्य सीमित समय के लिए विद्यालय आते थे और कोई अध्यापन कार्य नहीं करते थे। अर्धवार्षिक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं में मूल्यांकनकर्ताओं के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। विद्यालय में प्रयोगशाला सामग्री एवं क्रय की गई शैक्षणिक सामग्री भी भौतिक रूप से मौजूद नहीं मिली। जांच में यह भी उजागर हुआ कि शाला प्रबंधन एवं विकास समिति एसएमडीसी का गठन एवं संचालन नियमों के अनुरूप नहीं किया गया। इससे पूर्व भी डीईओ एसबी सिंह के द्वारा किए गए निरीक्षण में प्राचार्य की अनधिकृत अनुपस्थिति दर्ज की जा चुकी थी, बावजूद इसके सुधार नहीं किया गया। इन सभी तथ्यों को म.प्र. सिविल सेवा नियम 1965 के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए कमिशनर रीवा द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर प्राचार्य को म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिंगरौली नियत किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
