
सुसनेर। आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया. इसमें सात महीने से अलग-अलग रह रहे पति पत्नी को समझा कर राजीनामा करवाया गया है. दोनों को एक बार फिर से माला पहनाकर खुशी खुशी अपने घर भेजा गया है.
दरअसल, आकली निवासी 22 वर्षीय रामकुंवर मेघवाल ने 24 वर्षीय अपने पति जगदीश मेघवाल के विरुद्ध घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत न्यायालय न्यायिक दंडाधिकारी अरुंधति परस्ते की न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत कर रखा था जिसमे आवेदिका रामकुंवर की और अभिभाषक दीपक सक्सेना व अनावेदक जगदीश मेघवाल की और से अभिभाषक दशरथ सिंह सिसोदिया ने शनिवार को नेशनल लोक अदालत में उपस्थित होकर न्यायाधीश के समक्ष समझौता करवाया. उसके पश्चात न्यायाधीश व परिवारजनों की मौजूदगी में दोनों ने एक दूसरे को माला पहनाई व उसके बाद पत्नी अपने पति के साथ खुशी-खुशी अपने ससुराल चली गई है. इस दौरान न्यायाधीश अरुंधति परस्ते ने दोनों से कहा कि दाम्पत्य जीवन में कई तरह के उतार-चढाव आते रहते हैं, उन्हें निभाना हमारी जिम्मेदारी है. छोटी-छोटी बातों को बढावा न देते हुए एक दूसरे को समझते हुए अपना जीवन खुशहाल बनाना. उन्होंने दम्पति को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की.
