
भोपाल। प्रदेश की कानून-व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय भोपाल में प्रदेश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में डीजीपी ने परंपरागत पुलिसिंग से आगे बढ़कर विश्वास आधारित पुलिसिंग पर रोशनी डालते हुए कहा कि पुलिस की भूमिका सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में शांति, सुरक्षा और भरोसे का माहौल बनाना भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है।
बैठक में डीजीपी मकवाणा ने कहा कि पुलिस संगठन को आधुनिक और प्रोफेशनल ढांचे में ढालने के लिए कार्यशैली में निरंतर सुधार और तकनीकी अपग्रेडेशन अनिवार्य है। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि संवेदनशील मामलों में तत्काल व निष्पक्ष कार्रवाई, साइबर अपराध, नशे के नेटवर्क और नक्सल गतिविधियों के खिलाफ ठोस रणनीति बनाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि विभाग में 8500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है, जिससे फोर्स को नई ऊर्जा और संसाधन मिलेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को तुरंत पुरस्कृत करने और अच्छे कार्यों की पब्लिकली सराहना करने पर भी बल दिया।
डीजीपी ने कहा कि सायबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए योजनाबद्ध और लक्षित रणनीति बनाई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने के निर्देश भी दिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पुलिस व्यवस्था को व्यावसायिक रूप से अधिक दक्ष बनाने के लिए स्टाफ ऑडिट प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा और फोर्स का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारियों को अभी से शुरू करने के निर्देश दिए गए ताकि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए मजबूत रणनीति समय रहते तैयार की जा सके।
