नयी दिल्ली, 20 जनवरी (वार्ता) इस्पात और बिजली क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन से देश के आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत बढ़ गया।
यह अगस्त 2025 के बाद प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में चार महीने में सबसे तेज बढ़ोतरी है। इससे पहले, नवंबर 2025 में प्रमुख उद्योगों का उत्पादन 2.1 प्रतिशत और दिसंबर 2024 में 5.1 प्रतिशत बढ़ा था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, आठ उद्योगों में से तीन के उत्पादन में गत दिसंबर में गिरावट दर्ज की गयी जबकि अन्य पांच उद्योगों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। इस्पात उद्योग का उत्पादन 6.9 प्रतिशत और बिजली का 5.3 प्रतिशत बढ़ा है। सीमेंट का उत्पादन 13.5 प्रतिशत और उर्वरकों का 4.1 प्रतिशत बढ़ा है। कोयले के उत्पादन में 3.6 फीसदी की वृद्धि देखी गयी।
कोर उद्योगों के उत्पादन में 28 प्रतिशत से अधिक का भारांश रखने वाले रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। कच्चे तेल का उत्पादन 5.6 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का 4.4 प्रतिशत घट गया।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन 2.6 प्रतिशत बढ़ा है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसमें 4.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी थी।
