श्रीनगर, 20 जनवरी (वार्ता) जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने गणतंत्र दिवस समारोह से पहले मंगलवार को श्रीनगर-बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक संदिग्ध शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण (आईईडी) का पता लगाकर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह संदिग्ध वस्तु बारामूला जिले के तकिया टप्पर पट्टन के पास सड़क किनारे सुरक्षा बलों को दिन में राजमार्ग की नियमित सफाई के दौरान मिली। संदिग्ध आईईडी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की दूसरी बटालियन के जवानों को सुबह करीब 8.40 बजे मिला। उन्होंने बताया कि बाद में उपकरण को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया, “राजमार्ग की तलाशी के दौरान हमारी टीम को लगभग 8 × 10 इंच का एक संदिग्ध उपकरण मिला। क्षेत्रीय कमांडर ने डीएसएमबी (संदिग्ध विस्फोटक उपकरणों या धातु की वस्तुओं की सुरक्षित दूरी से जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक उपकरण) का उपयोग करके वस्तु की जांच की। पहली नज़र में यह तय हो गया कि वस्तु एक आईईडी थी।”
उन्होंने कहा कि अन्य एजेंसियों के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अभ्यास किए गए कि कोई नागरिक हताहत न हो।
उन्होंने कहा, “इलाके को सील कर दिया गया और राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी रोक दी गयी। बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया, जिसने संदिग्ध वस्तु को नियंत्रित तरीके से उसे निष्क्रिय कर दिया। ” उन्होंने कहा, “आईईडी का समय पर पता चलने से एक बड़ी त्रासदी टल गई।”
गौरतलब है कि सेना , केंद्रीय शस्त्र पुलिस बल और वीवीआई के सैकड़ों वाहन रोज़ाना इस राजमार्ग से गुजरते हैं। आईईडी का पता गणतंत्र दिवस समारोह से एक हफ़्ते से भी कम समय पहले चला। इस बीच बारामूला में पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह से पहले एक व्यापक सुरक्षा समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बारामूला ने की।
एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि पूरे ज़िले में शांतिपूर्ण और बिना किसी घटना के गणतंत्र दिवस समारोह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था, अंतर -एजेंसी समन्वय, तैनाती की रणनीतियों, इंटेलिजेंस शेयरिंग और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गयी।
