ग्लासगो, 28 जुलाई (वार्ता) स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा, जो 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में जैवलिन थ्रो चैंपियन बने थे लेकिन 2022 के गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे, पीठ की चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं और इस सीज़न में उन्होंने सिर्फ़ एक बार ही मुक़ाबला किया है। भारत के जैवलिन थ्रो स्टार नीरज चोपड़ा ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले बेहतरीन फ़िज़िकल फ़ॉर्म में हैं। नीरज चोपड़ा ने 2018 गोल्ड कोस्ट में 86.47 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन चोट के कारण बर्मिंघम 2022 गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे। भारतीय जैवलिन स्टार को पिछले साल सितंबर में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप से ठीक पहले पीठ के निचले हिस्से में समस्या हो गई थी। 2026 में उन्होंने सिर्फ़ एक बार मुक़ाबला किया है; जून में दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था।
ग्लासगो 2026 में पुरुषों के जैवलिन इवेंट में कई बड़े नाम शामिल हैं। पाकिस्तान के अरशद नदीम डिफेंडिंग चैंपियन होंगे। मौजूदा ओलंपिक चैंपियन ने बर्मिंघम 2022 में 90.18 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता था। नीरज की तरह, नदीम ने भी इस सीज़न में सिर्फ़ एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है; इस महीने की शुरुआत में स्विट्जरलैंड में हुई ‘स्पिट्ज़ेन लीचथलेटिक ल्यूसर्न’ मीट में वह 80 मीटर का मार्क पार नहीं कर पाए और नौवें स्थान पर रहे। पिछले साल की वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद से यह पाकिस्तानी एथलीट चोटों से भी जूझ रहा है। ग्रेनाडा के दो बार के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के मौजूदा वर्ल्ड और पूर्व ओलंपिक चैंपियन केशोर्न वालकॉट भी मुकाबले में शामिल हैं।
श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिराज का उभरना भी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है; उनके नाम इस सीज़न में 92.62 मीटर का वर्ल्ड लीडिंग थ्रो है। भारत के रोहित यादव, जिन्होंने पिछले महीने 87.05 मीटर का थ्रो किया था, और यश वीर सिंह भी मेडल की दौड़ में अपनी दावेदारी पेश करेंगे, साथ ही कई अन्य शीर्ष एथलीट भी मुकाबले में होंगे। पुरुषों का जैवलिन थ्रो क्वालिफाइंग राउंड 30 जुलाई को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में होगा और फ़ाइनल अगले दिन खेला जाएगा।

