शिक्षकों के हित में लोकसभा में गूंजी आवाज, TET अनिवार्यता पर पुनर्विचार की मांग

नई दिल्ली। सांसद श्रीमती अनिता चौहान ने आज लोकसभा में शासकीय शिक्षकों से संबंधित TET (Teacher Eligibility Test) परीक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर पुनः TET परीक्षा की अनिवार्यता थोपना उनके मनोबल को कमजोर करने वाला निर्णय है।

सांसद चौहान ने कहा कि, जिन शिक्षकों ने लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए अपना अनुभव और योगदान दिया है, उन्हें बार-बार परीक्षा के दायरे में लाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने इस निर्णय को शिक्षकों के हितों के विपरीत बताते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के फैसलों से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है, जो शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सांसद ने सरकार से आग्रह किया कि TET की अनिवार्यता को समाप्त कर शिक्षकों को राहत दी जाए, ताकि वे बिना मानसिक दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। उक्त जानकारी विधायक प्रतिनिधि एवं मंत्री सांसद हेल्पलाइन प्रभारी गोविंदा गुप्ता द्वारा दी गई।

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