वाशिंगटन/तेहरान, 16 जुलाई (वार्ता) ईरान ने गुरुवार तड़के बहरीन, जॉर्डन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ‘खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने चेतावनी दी है कि उसके ये हमले आने वाले समय में और अधिक तेज हो सकते हैं। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमीनिया ने आज ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी (आईएसएनए) से कहा कि यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी धमकी को अमली जामा पहनाया, तो इस क्षेत्र का पूरा बुनियादी ढांचा ईरान द्वारा खत्म कर दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने मंगलवार को धमकी दी थी कि यदि ईरान ने दोबारा बातचीत शुरू नहीं की, तो अगले सप्ताह ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमला किया जायेगा।
ब्रिगेडियर अकरमीनिया ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान किसी भी परिस्थिति में और किसी भी तरह से अमेरिका जैसी बाहरी शक्ति को होर्मुज में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देंगे। यह ईरान की एक ऐसी लक्ष्मण रेखा है जिसे कभी पार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिकियों ने सोचा था कि देश के दक्षिणी तटों पर हमारे कुछ ठिकानों पर हमला करके वे इस रणनीतिक जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर लेंगे, लेकिन ईरान अपने क्षेत्र के किसी भी हिस्से से होर्मुज पर नियंत्रण रखने की क्षमता रखता है। पड़ोसी देशों को सीधी चेतावनी देते हुए ईरान ने कहा कि जब तक वे अपने क्षेत्र से अमेरिकी सेना को काम करने की अनुमति देते रहेंगे, तब तक ईरान उनके क्षेत्रों पर हमले जारी रखेगा। ईरानी सेना ने एक बयान में खाड़ी देशों के खिलाफ और हमलों की घोषणा करते हुए कहा कि हमारे पड़ोसियों को यह जान लेना चाहिए कि अमेरिकियों को ठिकाना देना और उन्हें ईरानी धरती पर गोलाबारी करने की अनुमति देना अस्वीकार्य है और इसका करारा जवाब दिया जाएगा।

