मुंबई, 19 जनवरी (वार्ता) केंद्रीय रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) से उपेक्षित इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर ऋण देकर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की अपील की है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को यहां चुनिंदा यूसीबी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ एक बैठक में कहा कि उपेक्षित इलाकों में ऋण देने में और वित्तीय समावेशन बढ़ाने में यूसीबी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पिछली बैठक के बाद से सहकारी बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बैंक की पहलों के बारे में भी जानकारी दी।
श्री मल्होत्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि इन पहलों के परिणामस्वरूप यह सेक्टर मजबूत बनेगा और इसका स्वस्थ विकास होगा। उन्होंने यूसीबी के संचालन में उच्च मानकों के पालन, ऋण को बट्टे खाते में डालने की ठोस प्रक्रिया और परिसंपत्ति की गुणवत्ता पर नजदीकी नजर रखने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने ग्राहकों का विश्वास बनाये रखने के लिए यूसीबी के अधिकारियों से ग्राहक केंद्रित नीति अपनाने, नैतिक मूल्यों को अपनाने और शियकायतों के समय पर समाधान पर जोर दिया।
बैठक में राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम और शहरी सहकारी बैंकों एवं क्रेडिट सोसायटी के राष्ट्रीय महासंघ के प्रतिनिधियों के अलावा रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे. और एस.सी. मुर्मु भी शामिल थे।
