जप्त माल और जमा पूंजी से होगा किसानों का भुगतान

ब्यावरा। जीएसटी चोरी करने और किसानों की राशि रखने वाले पचोर के व्यापारी की अचानक तबियत बिगडऩे पर उन्हें भोपाल भर्ती कराया गया है, उधर जानकारी मिली है कि किसानों का भुगतान विभाग द्वारा जप्त किये गए माल और व्यापारी के बैंक खातों में जमा पूंजी से जल्द ही किया जाएगा.

गौरतलब है कि पचोर में दो दिन तक व्यापारी के तमाम दस्तावेजों को खंगालने के बाद विभाग के द्वारा आज व्यापारी के घर को भी खोल दिया गया है, विभाग अपने दस्तावेजों की जांच उपरांत आगे की कार्रवाई करेगा.

किसानों को मिलेगी उनकी राशि

जिला कलेक्टर और जीएसटी कमिश्नर के निर्देश पर पहले किसानों की राशि का भुगतान करने का निर्णय लिया गया है. किसानों की राशि का भुगतान विभाग द्वारा जप्त किये गए माल और व्यापारी के बैंक खातों में मौजूद पूंजी के द्वारा किया जाएगा.

102 किसानों के एक करोड़ का नहीं किया भुगतान

गौरतलब है कि पचोर मंडी में सोयाबीन बेचने वाले कुल 102 किसानों के करीब एक करोड़ रूपये व्यापारी आनंद माहेश्वरी द्वारा नहीं दिए गए, उक्त राशि का भुगतान होने के पूर्व जीएसटी द्वारा छापा डाल देने से किसानों की चिंता बड़ गई. किसानों के द्वारा राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, सांसद रोडमल नागर को शिकायत करने पर उन्होंने कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा को इस तथ्य से अवगत कराया. कलेक्टर के सक्रिय होने के बाद आखिरकार विभाग द्वारा जप्त किये माल और बैंक में जमा पूंजी से किसानों का भुगतान करने के निर्देश मंडी प्रशासन को दिए गये है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार किसानों की राशि का शीघ्र ही भुगतान करने की व्यवस्था की जा चुकी है. शुक्रवार की रात्रि को उस समय व्यापारी की तबियत बिगड़ गई जब अधिकारीगण द्वारा व्यापारी के यहां जांच पड़ताल की जा रही थी. बीपी बड़ जाने के कारण हालत बिगड़ती देख व्यापारी को भोपाल भर्ती किया गया है. जहां अब स्वास्थ्य में सुधार है. शनिवार को विभाग के अधिकारियों की टीम ने दस्तावेजों को जप्त करने के बाद आज मकान को भी मुक्त कर दिया है. विभाग के अधिकारी का कहना है कि विभाग जांच पड़ताल कर टेक्स चोरी के आंकड़ा निकालेगा, उसी अनुरूप आगे की कार्रवाई की जायेगी. सूत्रो के अनुसार व्यापारी की स्थिति से यह भी पता चला है कि उसकी एक बेटी गंभीर रोग से पीडि़त है, उसने उसके इलाज में बड़ी रकम खर्च होने के प्रमाण जीएसटी विभाग के अधिकारियों को दिए है.

 

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