ग्वालियर:सदगुरुदेव सतपाल महाराज की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा इंटक मैदान में आयोजित दो दिवसीय आध्यात्म सत्संग समारोह के दूसरे दिन हरिद्वार से पधारे महात्मा हरि संतोषानंद ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए परमात्मा के आदि नाम का महत्व बताते हुए कहा कि राम चरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने आदि नाम का महत्व बताते हुए कहा है कि नाम की महिमा इतनी है कि स्वयं राम भी इसका गान नहीं कर सकते – राम न सकय नाम गुण गाई।
आपने श्री गणेश, ध्रुव, प्रहलाद,के उदाहरण देकर कहा कि स्वयं ब्रह्मा विष्णु महेश भी इस आदि नाम का जाप करके ही सृष्टि का संचालन कर रहे हैं। समारोह को संबोधित करते हुए महात्मा वर्धमानानन्द ने कहा कि मनुष्य के जीवन में दुःख का कारण मोह है और इस मोह से मुक्त होना ही मोक्ष है और इस मोह से छुटकारा पाने का मार्ग आत्मज्ञानी संतों की शरण में जाने से ही मिलता है।
सत्संग समारोह के दूसरे दिन गोपाल भाई और साथियों ने सुन्दर भजन प्रस्तुत किए। समारोह को साध्वी मिथलेश बाई टीकमगढ़, साध्वी शारदा बाई इन्दौर और आश्रम प्रभारी साध्वी हरीशा बाई ने संबोधित किया। नगर के प्रबुद्ध नागरिकों की ओर से संत समाज का सम्मान इंटक नेता राजेन्द्र सिंह नाती, मजदूर नेता रतीराम राम यादव, पार्षद हरि बाबू शिवहरे, राजेश बंसल, संदीप शर्मा, रमेश भाई दयाल जोशी,विनोद राजावत, तरुण सिंह कुशवाहा, रुपेंद्र सिंह सेंगर, कैलाश जोशी, जयंत सर्वटे, संजय कटारे, कपूर साहब मुरैना, नन्दराम गुना, अरविंद पाठक भिन्ड सुशीला राय, अरुणा तोमर, साधना तोमर आदि ने किया। समारोह का संचालन करते हुए राम बाबू कटारे ने समिति की ओर से आयोजन में पधारे संत महात्माओं का आभार व्यक्त किया।
