
० कलेक्टर के निर्देश पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहरी पहुंची जांच टीम, संबल हितग्राहियों ने लगाया था सालों से फीस वापस न करने का आरोप
नवभारत न्यूज
सीधी/बहरी 22 जनवरी। कलेक्टर के निर्देश पर आज जिला शिक्षा अधिकारी अपनी टीम के साथ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहरी जांच करने के लिये पहुंचे। यह जांच संबल हितग्राहियों द्वारा उनके बच्चों से सालों से ली जा रही फीस वापस न करने पर शुरू की गई है।
जिले के तहसील मुख्यालय बहरी में संचालित शास. उच्च. माध्य. विद्यालय बहरी के संकुल प्राचार्य द्वारा संबल योजना के हितग्राहियों के बच्चों से मनमानी शुल्क तो वसूला जा रहा है लेकिन सालों बाद भी शासन के निर्देशों के बाद भी ली गई शुल्क को वापस नहीं किया जा रहा है। तत्संंबंध में स्थानीय अभिभावकों द्वारा कलेक्टर की जन सुनवाई एवं डीईओ के पास लिखित एवं मौखिक आवेदन देकर शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि संकुल केन्द्र के प्रभारी प्राचार्य श्यामसुन्दर तिवारी एवं उनके सहयोगी शिक्षक विमलेश तिवारी द्वारा अध्ययनरत विद्यार्थियों से तीन गुना ज्यादा फीस वसूल किया जा रहा है। वहीं 5 वर्षों से संबल योजना के हितग्राहियों के बच्चों से ली गई शुल्क वापस नहीं की जा रही है। विद्यालय में छात्र संख्या 900 से ऊपर है। आरोप लगाया है कि संकुल प्राचार्य द्वारा करीब 65 लाख का गबन शुल्क में किया गया है। परीक्षा प्रभारी विमलेश तिवारी हैं जो कि माध्यमिक शिक्षक वर्ग 2 के पद पर पदस्थ हैं।
उक्त शिक्षक का नाम अतिशेष की सूची में शामिल था लेकिन विद्यालय में भ्रष्टाचार करने के लिए गंभीर बीमारी ब्रेन ट्य़ूमर पोर्टल में दर्शाकर विद्यालय में लूटपाट करने में जुटे हुए हैं। सीधी कलेक्टर द्वारा स्थानीय अभिभावकों की उक्त शिकायत को काफी गंभीरता से लिया गया। इनके निर्देश पर डीईओ डॉ.प्रेमलाल मिश्रा स्वत: जांच टीम के साथ विद्यालय पहुंचे।
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रिकार्डों को खंगाल रही जांच टीम
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.प्रेमलाल मिश्रा के साथ जांच टीम में शामिल दो प्राचार्य एवं वित्तीय मामलों के जानकार लिपिक भी मौजूद थे। जांच टीम द्वारा विद्यालय के रिकार्डों को तलब करने के साथ ही जांच शुरू की गई। बताया गया है कि प्रभारी प्राचार्य एवं परीक्षा प्रभारी द्वारा शुल्क वसूली के संबंध में कई आवश्यक रिकार्डों को मौके पर प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके बाद टीम द्वारा मौके पर टीम द्वारा सभी कागजातों को पेश करने के निर्देश दिए गए। जांच टीम के सदस्यों का कहना था कि उन्हें पूरा रिकार्ड मिल जाता है तो उसके आधार पर जांच प्रतिवेदन जल्द ही प्रस्तुत कर लिया जाएगा।
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इनका कहना है
कलेक्टर के निर्देश पर मौके पर जांच टीम उनके साथ पहुंची है। विद्यालय में सभी आवश्यक रिकार्डों की जांच दो प्राचार्यों एवं वित्तीय मामलों के जानकार लिपिक द्वारा की जा रही है। आवश्यक कागजात मिलने के पश्चात जांच प्रतिवेदन टीएल मीटिंग में प्रस्तुत की जाएगी। यदि जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो इस मामले में दोषियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ विधिसंगत कार्यवाही की जावेगी।
डॉ.प्रेमलाल मिश्रा, डीईओ सीधी
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