जबलपुर: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी श्वेता खरे की अदालत ने मोहल्ला खाली कराने धमकाने व पीटने वालों के विरुद्ध अपराध दर्ज करने का आदेश पारित किया है। कोर्ट ने 21 जनवरी को जांच प्रतिवेदन, एफआईआर की प्रति पेश करने के निर्देश दिए हैं।परिवादी शंकरशाह नगर रामपुर निवासी फैजल रियान उर्फ अस्मित की ओर से दलील दी गई कि परिवादी के पड़ोस में रहने वाले प्रतीक मेहता उर्फ गिन्नी प्रिया मेहता और अभिजीत राय ने दो अक्टूबर 2024 को दोपहर सवा दो बजे के लगभग परिवादी के घर के सामने आकर गाली-गलौज शुरू कर दी।
जब परिवादी से बाहर आकर ऐसा करने से मना किया तो दूसरे पक्ष ने मोहल्ला खाली कर चले जाने की धमकी दी। यही नहीं लात-घूसों की बरसात कर दी। चीख पुकार सुन परिवादी के पिता बाहर आ गए। दूसरे पक्ष ने उसने भी मारपीट कर दी। साथ ही धमकी दी कि यदि मोहल्ला खाली नहीं किया तो जान से मार देंगे। समूचा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड है। इसके बावजूद गोरखपुर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध नहीं किया। इसीलिए अदालत की शरण ली गई है। अदालत ने संज्ञेय अपराध पाकर एफआईआर के निर्देश दिये।
