
जबलपुर। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का बयान किसी क्षणिक भूल का परिणाम नहीं, बल्कि महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति उनकी बीमार, विकृत और आपराधिक सोच को उजागर करता है। ऐसे शब्द लोकतंत्र में अस्वीकार्य ही नहीं, दंडनीय हैं। महिला कोई वस्तु नहीं, कोई प्रदर्शन की चीज नहीं-वह सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की प्रतीक है। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का यह बयान अब किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह कांग्रेस की सोच और संस्कृति पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। यह सारी बातें भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष अश्वनी पराँजपे ने भाजपा कार्यालय रानीताल में शनिवार को पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कही।
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, महिला मोर्चा नगर अध्यक्ष श्रीमती रूपा राव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीमती अर्चना अग्रवाल, जिला मीडिया प्रभारी श्रीकान्त साहू, रवि शर्मा, चित्रकान्त शर्मा उपस्थित थे।
पूरे नारी समाज का किया है अपमान
श्रीमती पराँजपे ने कहा कांग्रेस विधायक का यह बयान पूरे नारी समाज का अपमान है। एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को इस तरह महिमामंडित करना संविधान, कानून और मानवता-तीनों का अपमान है। यह सोच बताती है कि कांग्रेस कितनी असंवेदनशील है। भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। जानकारी के अनुसार कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने विगत 14 जनवरी को भोपाल में आयोजित दलित एजेंडा कार्यक्रम में बोला था कि संयुक्त चुनाव प्रणाली से एससी-एसटी विधायक कुत्ते जैसी हालत में हैं, इसलिए आदिवासियों को हिंदू न बनने दिया जाए।
