रायपुर, (वार्ता) छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जल जीवन मिशन की प्रगति साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
नवा रायपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 40 लाख 87 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। मिशन लागू होने से पहले यह संख्या महज 3.19 लाख थी, जिसमें वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य के 6,572 गांवों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है। इनमें से 5,564 गांवों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है। पिछले दो वर्षों में प्रमाणित गांवों की संख्या में 750 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा, 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का संचालन सौंप दिया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन हो सके।
पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं, जिनमें से 47 को अंतरराष्ट्रीय स्तर की एनएबीएल मान्यता प्राप्त है। आम जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभाग ने टोल-फ्री नंबर 1800-233-0008 भी जारी किया है। साव ने स्पष्ट किया कि पानी की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पिछले दो वर्षों में दोषी ठेकेदारों पर 28 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। इस दौरान 629 अनुबंध निरस्त किए गए और 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। सरकार की आगामी प्राथमिकता शेष बचे 8 लाख कनेक्शनों को पूरा करने और अधूरी पड़ी 21 हजार योजनाओं को समय-सीमा के भीतर समाप्त करने की है।
