नयी दिल्ली 16 जनवरी (वार्ता) भारत ने कहा है कि वह ईरान के चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। अमेरिका ने भारत को इन प्रतिबंधों में आगामी 26 अप्रैल तक छूट दे रखी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में चाबहार में भारत की गतिविधियों से संबंधित सवाल के जवाब में कहा ,” “जैसा कि आप जानते हैं पिछले वर्ष 28 अक्टूबर को अमेरिकी वित्त विभाग ने इस वर्ष 26 अप्रैल तक शर्तों के साथ प्रतिबंध में छूट के मार्गदर्शन के बारे में पत्र जारी किया था। हम इस व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत में हैं।”
विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले “किसी भी देश” पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा । भारत पहले ही 50 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क का सामना कर रहा है, जिसमें 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क रूस से तेल की खरीद पर लगाया गया है।
भारत ने मई 2024 में ईरान के साथ 10 साल का अनुबंध किया था जिसके तहत उसे चाबहार बंदरगाह के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल का विकास, उपकरण और संचालन करने का अधिकार मिला। यह अनुबंध इंडियन पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड और ईरान की पोर्ट्स एंड मेरिटाइम ऑर्गनाइजेशन के बीच हुआ था। चाबहार बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास करके अफ़ग़ानिस्तान और उससे आगे के क्षेत्रों से जोड़ने में मदद करता है।
दस वर्ष के अनुबंध में टर्मिनल उपकरणों के लिए 12 करोड़ डॉलर और चाबहार में अवसंरचना विकास के लिए 25 करोड़ डॉलर की क्रेडिट लाइन शामिल है।
रणनीतिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेल्लानी के अनुसार भारत चाबहार में अपनी गतिविधियों को धीरे-धीरे कम कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा , “जैसे ही चाबहार पोर्ट से संबंधित अमेरिकी प्रतिबंध छूट अप्रैल में समाप्त होने वाली है, नियमों के पालन में भारत भारतीय-प्रचालित बंदरगाह से पीछे हट रहा है, जो पाकिस्तान के चीनी-प्रचालित ग्वादर पोर्ट का सामरिक विरोध है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल सितंबर में “अमेरिका ने भारत को पहली बार 2018 में दी गई चाबहार-विशिष्ट प्रतिबंध छूट को बिना किसी वजह वापस ले लिया। अगले महीने, वाशिंगटन ने छह महीने की अस्थायी छूट जारी की — न कि भारत के निवेश की सुरक्षा के लिए, बल्कि केवल यह सुनिश्चित करने के लिए कि नई दिल्ली अपनी गतिविधियों को अप्रैल 2026 तक समेट सके।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ब्रिफिंग में यह भी बताया कि भारत-ईरान द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 1.6 अरब डॉलर है, जिसमें भारत का निर्यात 1.2 अरब डॉलर और आयात 0.4 अरब डॉलर है। ईरान भारत के कुल व्यापार का 0.15 प्रतिशत हिस्सा है।
