
भोपाल। मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ अब कई जिलों में घना कोहरा भी जनजीवन को प्रभावित करने लगा है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण जहां न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं कई जिलों में कोहरे के चलते विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा।
राजधानी भोपाल में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाया रहा। जबकि ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और सागर में भी ऐसा ही हाल रहा, जहां कोहरे ने सुबह के समय लोगों की रफ्तार धीमी कर दी।
ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में घना कोहरा छाया रहा, जहां विजिबिलिटी घटकर 50 से 100 मीटर तक पहुंच गई। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में भी सुबह के समय घना कोहरा दर्ज किया गया।
शहडोल जिले के कल्याणपुर में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर में शीतलहर का प्रभाव बना रहा, जिससे ठंड का असर और तेज हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार, 16 जनवरी से सक्रिय रहा वेस्टर्न डिस्टरबेंस आगे बढ़ चुका है, लेकिन 19 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा और शीतलहर जैसी स्थितियां बनी रहने की संभावना है।
