जबलपुर: शहर की बुनियादी सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निगमायुक्त ने अमृत योजना फेज-1 एवं फेज-2 के अंतर्गत चल रहे जलप्रदाय और सीवर कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।योजना के कार्यों में गति लाने के लिए आयुक्त ने अधिकारियों को कार्य शैली में बदलाव लाने और कार्यो को समय सीमा में उच्चगुणवत्ता के साथ करने पर जोर दिया है।
इसके लिए उन्होंने सभी संबंधित इंजीनियरों को दिनभर फील्ड में रहकर निर्माण कार्यों की प्रत्यक्ष निगरानी करनी होगी। इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि तकनीकी बाधाओं का मौके पर ही निराकरण हो सकेगा। सीवर प्रोजेक्ट की सफलता के लिए आयुक्त ने प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी बैठक तक यदि संतोषजनक प्रगति नहीं दिखी, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सुस्त कार्य करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध भारी जुर्माना लगाने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने जैसी सख्त वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
तालाबों के उन्नयीनी कार्यो में कोताही बर्दाश्त नहीं
पेयजल और सीवर के साथ-साथ शहर की पर्यावरण धरोहर यानी तालाबों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के कार्यों में तेजी लाएं, ताकि शहर की सुंदरता और जल स्तर में सुधार हो सके। निगमायुक्त श्री अहिरवार ने हनुमानताल, अधारताल, सूपाताल, रानीताल, एवं गंगासागर तालाब के उन्नयीनीकरण के कार्यो की भी समीक्षा की और संबंधित इंजीनियरों और अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि 30 जनवरी तक हर हाल में उच्चगुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराए अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें।
