जबलपुर: हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता की सेवा समाप्ति संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया है। एकलपीठ ने आवेदक को समस्त लाभ देने के निर्देश दिये है।
यह मामला बैतूल निवासी गौरव कुमार मानकर की ओर से दायर किया गया था। जिनकी ओर से अधिवक्ता मनोज कुशवाहा व कौशलेन्द्र सिंह ने पक्ष रखा।
जिन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने याचिकाकर्ता को प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की थी। लेकिन नियुक्ति के दो माह पश्चात ही उसकी सेवा यह कहते हुए समाप्त कर दी कि प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं की जा सकती।
आवेदक की ओर से कहा गया कि दिवंगत शासकीय शिक्षकों के आश्रितों को प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति की जाएगी, प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु पात्रता प्रवेश परीक्षा की शर्त भी शिथिल की गई थी, किंतु राज्य शासन ने कहा कि आवेदक के पास बीएड और डीएड की योग्यता नहीं है। इसलिए उसकी नियुक्ति निरस्त की जाये। मामले में दलील दी गई कि बीएड संबंधी योग्यता की अनिवार्यता याचिकाकर्ता की नियुक्ति के पश्चात रखी गई है। अत: भूत लक्ष्य प्रभाव से नियम लागू नहीं होंगे। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त राहतकारी आदेश दिया।
