गर्भवती महिलाओं की अनदेखी: 3 सीएचओ की बर्खास्तगी की सिफारिश

बैतूल। गर्भवती महिलाओं की जांच और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की सख्त निगरानी और समीक्षा के बाद मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरी है।

गत 13 जनवरी को आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कई स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन नहीं होने, आवश्यक जांच न किए जाने और हाई रिस्क मामलों की अनदेखी जैसी गंभीर खामियां उजागर हुई थीं। इसके बाद 14 जनवरी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के खिलाफ सेवा समाप्ति की अनुशंसा की है।

इनमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बोदी जूनामानी की मोनिका भूमरकर, डेढ़पानी की ज्योति धोटे और चांदू रातामाटी के संतोष बडकुले शामिल हैं। इन पर कार्य के प्रति उदासीनता और गर्भवती महिलाओं की देखभाल में गंभीर लापरवाही के आरोप हैं।

इसके अलावा सात अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन नहीं करने और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर तीन एएनएम संध्या कालभोर, उर्मिला इवने और गीता रघुवंशी की दो-दो वेतनवृद्धि रोक दी गई है।

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