नई दिल्ली | 15 जनवरी, 2026: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए NEET PG के क्वालिफाइंग परसेंटाइल में भारी कटौती कर सबको चौंका दिया है। नए नियमों के मुताबिक, जनरल कैटेगरी के लिए कट-ऑफ घटाकर 7 परसेंटाइल कर दिया गया है, जबकि SC, ST और OBC वर्गों के लिए इसे ‘जीरो परसेंटाइल’ तय किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी के बाद जारी इस फैसले का मतलब है कि अब आरक्षित वर्ग के वे उम्मीदवार भी विशेषज्ञ डॉक्टर बनने की दौड़ में शामिल हो सकेंगे, जिनका स्कोर परीक्षा में -40 अंक रहा है।
NBEMS के अनुसार, यह फैसला राउंड-2 की काउंसलिंग के बाद देश के विभिन्न सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में खाली रह गईं पोस्टग्रेजुएट (PG) सीटों को भरने के उद्देश्य से लिया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि तीसरे राउंड की काउंसलिंग में अधिक से अधिक उम्मीदवारों को मौका देने के लिए पात्रता मानकों को न्यूनतम स्तर पर लाया गया है। हालांकि, यह बदलाव केवल काउंसलिंग की पात्रता तक सीमित है और 19 अगस्त 2025 को घोषित की गई मूल रैंक लिस्ट में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
संशोधित कट-ऑफ लागू होने के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया में तेजी आएगी। जनरल ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए संशोधित कट-ऑफ स्कोर 103 और दिव्यांगों के लिए 90 तय किया गया है। उम्मीदवारों को सूचित किया गया है कि काउंसलिंग के समय फेस आईडी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से मेडिकल सीटें तो भर जाएंगी, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता पर इसके प्रभाव को लेकर चिकित्सा जगत में बहस छिड़ गई है। पात्र छात्र अब राउंड-3 की काउंसलिंग के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कर सकते हैं।

