इंदौर:चाइनीज मांझे पर सख्ती और निगरानी के पुलिस दावे एक बार फिर हवा होते नजर आए. बुधवार को शहर के अलग अलग थाना क्षेत्रों में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर कई लोग घायल हो गए. कहीं बाइक सवार का गला कटा तो कहीं दूध बांटने जा रहे व्यक्ति के गले में टांके लगाने पड़े. सभी घायलों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया.भंवरकुआं थाना क्षेत्र के तीन इमली इलाके में सबसे गंभीर घटना सामने आई. बाइक से जा रहे हेमराज चौरसिया के गले में अचानक चाइनीज मांझा फंस गया.
तेज धार से गला कटने पर सड़क पर खून बहने लगा. आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया. हेमराज चांदमारी ईंट भट्ठा क्षेत्र में रहते हैं और पेट्रोल पंप पर काम करते हैं. वे बुधवार को मांगलिया स्थित रिश्तेदार के यहां जा रहे थे, तभी हादसा हो गया. दूसरी घटना परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के नंदानगर निवासी महेश सोनी के साथ हुई. सड़क से गुजरते समय अचानक सामने आए चाइनीज मांझे से उनका गला कट गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें भी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है.
वहीं, तीसरा मामला जूनी इंदौर थाना क्षेत्र से सामने आया. तिल्लौर निवासी प्रेम भंडारी रोज की तरह दूध बांटने जा रहे थे. जूनी इंदौर ब्रिज से गुजरते समय अचानक चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया. गंभीर चोट आने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां गले में आठ टांके लगाए गए. चौथी घटना चंदन नगर थाना क्षेत्र के रामानंद नगर की है. यहां रहने वाले घनश्याम वसुनिया के चेहरे पर चाइनीज मांझे से गहरी चोट आई. उन्हें करीब दस टांके आए हैं. घनश्याम के मुताबिक वह खुद पतंग लेने जा रहे थे, तभी सामने से मांझा आ गया. बचने की कोशिश की, लेकिन मांझा सीधे चेहरे और दाढ़ी में फंस गया, जिससे दाढ़ी पूरी तरह कट गई.
वर्मा नर्सिंग होम पहुंचे 7 घायल
इधर परदेशीपुरा क्षेत्र स्थित वर्मा हॉस्पिटल में भी दिनभर चाइनीज मांझे से घायल लोगों की भीड़ लगी रही. अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर के मुताबिक, बुधवार को करीब सात मरीज चाइनीज मांझे से गंभीर रूप से घायल अवस्था में यहां पहुंचे. इनमें एक युवती का गला बुरी तरह कटा हुआ था, जबकि एक युवक हाथ की कलाई कटी हालत में लाया गया. सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर कर दिया. लगातार हो रहे हादसों के बावजूद चाइनीज मांझे की खुलेआम बिक्री और उपयोग ने पुलिस और प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पाबंदी कागजों में सिमटी नजर आ रही है, जबकि सड़कों पर आम लोग जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं.
पतंग खरीदने जा रहे थे, मांझे से कट गई दाढ़ी
एक अन्य घटना चंदन नगर थाना क्षेत्र के रामानंद नगर इलाके की है. यहां रहने वाले घनश्याम वसुनिया के चेहरे पर चाइनीज मांझे से गहरी चोट आई. उन्हें करीब दस टांके लगे हैं. घनश्याम के मुताबिक वह खुद पतंग लेने जा रहे थे, तभी सामने से मांझा आ गया. बचने की कोशिश की, लेकिन मांझा सीधे चेहरे और दाढ़ी में फंस गया, जिससे दाढ़ी पूरी तरह कट गई. लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध और निगरानी को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. खुलेआम पतंगबाजी और जानलेवा मांझे के इस्तेमाल से आम लोग रोजाना जोखिम उठा रहे हैं, लेकिन रोकथाम के दावे जमीनी स्तर पर असरदार नजर नहीं आ रहे.
