जबलपुर: अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना नायडू बोड़े की अदालत ने मासूम की देखभाल के स्थान पर प्रताडि़त करने की आरोपी जबलपु निवासी रजनी अहिरवार का दोषी पाया है। जिसके बाद अदालत ने तीन साल की सजा सुना दी। साथ ही पंद्रह सौ रुपये का जुर्माना लगाया। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक संजय वर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 13 जून 2022 को मुकेश कुमार विश्वकर्मा व सोनी शर्मा ने माढ़ोताल थाने में लिखित शिकायत की थी।
जिसमें आरोप लगाया था कि आरोपी महिला को बच्चें की देखभाल के लिए पांच हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा था। एक माह पूर्व से वह बच्चे के साथ मारपीट करने लगी थी, उसे भूखा रखती थी। दिन भर का भोजन, फल व दूध खुद खा लेती थी। बाल पकडक़र घसीटने, मुक्के व नोंकदार कंघी से मारने जैसी हरकतें करती थी। गला पकडक़र उठा लेती थी। इस वजह से मृत्यु तक हो सकती थी। शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा से बच्चा बीमार हो गया। उसने हंसना, खेलना और खाना छोड़ दिया। चिकित्सक की सलाह पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी आंतों में संक्रमण पाया गया। आरोपी तम्बाकू सेवन कर बच्चेें को जूठा खिला देती थी। अदालत ने दोष सिद्ध पाकर उक्म सजा सुना दी।
