रीवा: कमिश्नर बीएस जामोद ने कृषि, उद्यानिकी, मछलीपालन तथा पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की. कमिश्नर ने कहा कि शासन द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए संभाग के सभी जिलों में उप संचालक कृषि अन्य विभागों के सहयोग से कार्ययोजना बनाएं.प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का चिन्हांकन तथा पंजीयन कराकर इनके प्रशिक्षण की व्यवस्था करें. कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों से प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षण दिलाएं.
प्राकृतिक तथा जैविक विधि से ली गई अनाज, सब्जी एवं फलों की फसल के प्रमाणीकरण और विपणन की भी समुचित व्यवस्था करें. प्राकृतिक खेती को अपनाकर ही हम अपना और अपनी माटी का स्वास्थ्य सुधार सकते हैं. प्राकृतिक खेती को अपनाने पर गौपालन को भी बढ़ावा मिलेगा. प्राकृतिक खेती गौवंश पर ही आधारित है. कमिश्नर ने कहा कि खाद के वितरण के लिए 15 जनवरी तक ई टोकन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दें.
किसानों को ई टोकन के माध्यम से ही खाद का वितरण कराएं. क्षेत्रीय प्रबंधक विपणन संघ रीवा जिले के लिए यूरिया खाद की रैक की तत्काल मांग करें. उपलब्ध खाद की किसानों को हर दिन जानकारी दें. नरवाई प्रबंधन के लिए भी समुचित उपाय करें. आगामी फसल में जिलों में उन्हीं हार्वेस्टर को प्रवेश दें जिनके साथ स्ट्रारीपर लगा हुआ हो. बिना स्ट्रारीपर हार्वेस्टर पाए जाने पर जब्ती की कार्यवाही कराएं. नरवाई जलाने वाले किसानों पर भी जुर्माने की कार्यवाही करें. कमिश्नर ने कहा कि कामधेनु योजना से बैंकों में लंबित प्रकरण स्वीकृत कराकर इसका वितरण कराएं. बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त राजस्व एलएल अहिरवार मौजूद रहे.
