सियासत
मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने संकेत दिए हैं कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में फेरबदल हो सकता है? इसमें प्रदेश के भी कुछ नेताओं को स्थान मिल सकता है. महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्ग से भी कुछ नेताओं को केंद्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दी जा सकती है. दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय नए भवन में शिफ्ट होने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की नई टीम बनाने की तैयारी चल रही है. इसमें मध्य प्रदेश के भी कुछ नेताओं को स्थान मिल सकता है. सबसे ऊपर अरुण यादव का नाम है.
कांग्रेस के पास लंबे समय से कोई यादव चेहरा नहीं है. पहले उत्तर प्रदेश के बलराम सिंह यादव और चंद्रजीत सिंह यादव जैसे नेता कांग्रेस के बड़ा चेहरा हुआ करते थे. बलराम सिंह यादव को मैदानी और जनाधार वाला नेता माना जाता था तो चंद्रजीत सिंह यादव की गिनती बौद्धिक नेताओं में होती थी. इस रिक्त स्थान को भरने के लिए कांग्रेस ने कई प्रयास किए. रामनरेश यादव को मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया लेकिन परिणाम नहीं मिला.
अरुण यादव कांग्रेस में पहले सचिव रह चुके हैं. सपाध्यक्ष अखिलेश यादव के भी करीबी मित्रों में हैं, केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं.
यही वजह है कि अरुण यादव को केंद्रीय टीम में शामिल किए जाने पर संगठन विचार कर रहा है. इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को भी एआईसीसी में शामिल किया जा सकता है. जयवर्धन सिंह उच्च शिक्षित, सौम्य और संगठन क्षमता वाले ऐसे युवा नेता हैं, जो विधानसभा चुनाव कभी हारे नहीं हैं.
