नई दिल्ली, 11 दिसंबर, 2025: अमेरिका ने कई देशों पर भारी टैरिफ (कर) लगाए हैं, जिसमें भारत भी शामिल है। इस टैरिफ के कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच, अमेरिकी नेता, विशेषकर डोनाल्ड ट्रंप के विरोधी, भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर नाराज हैं। सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा कि ये टैरिफ भारत और अमेरिका-दोनों के लिए नुकसानदायक हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ अमेरिकी व्यवसायों और उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही है।
डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद सिडनी कामगार-डोव ने टैरिफ का विरोध करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों ने भारत-अमेरिका संबंधों को कमजोर कर दिया है। उन्होंने 50% शुल्क लगाने और रूस से तेल आयात पर 25% टैरिफ को गलत बताया। कामगार-डोव ने H-1B वीजा पर $100,000 की भारी फीस का भी विरोध किया, जिससे भारतीय पेशेवरों पर बड़ा असर पड़ेगा, जिन्होंने अमेरिका को कई क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
सांसद सिडनी कामगार-डोव ने राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी कि उनकी गलत नीतियां भारत जैसे भरोसेमंद साझेदार को दूर कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर इसका सीधा फायदा चीन और रूस जैसे देशों को मिल सकता है, जिससे अमेरिका की रणनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है।

