इंदौर: जिले की सीमा में अवैध कॉलोनियों और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई जाए. साथ ही सीएम हेल्पलाइन, सुगम्य भारत अभियान और किसानों को खेती के लिए उर्वरकों और यूरिया मांग के अनुसार उपलब्ध कराई जाए. उक्त निर्देश कलेक्टर ने आज समय सीमा बैठक की समीक्षा के दौरान मातहत अधिकारियों को दिए.
कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज समय-सीमा बैठक के पत्रों के निराकरण की समीक्षा की. बैठक में कलेक्टर वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सीमा में किसी भी स्थिति में नई अवैध कॉलोनियों की बसाहट नहीं हो. इसके अलावा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर सरकारी जमीन को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए.
बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा को लेकर कलेक्टर वर्मा ने सभी विभाग के अधिकारी को समय-सीमा में निराकरण करने के आदेश दिए. उन्होंने कहा कि औपचारिक जवाब देने की बजाय आवेदकों की वास्तविक समस्या का समाधान करें. समीक्षा के दौरान लापरवाही पाए जाने पर सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग नीरज पाराशर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए. बैठक में आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, एडीएम रोशन राय, स्मार्ट सिटी सीईओ अर्थ जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
उर्वरकों का वितरण पारदर्शिता से करें
बैठक में सुगम्य भारत अभियान में सभी एसडीएम को नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों प्रगति की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए. बैठक में कलेक्टर ने खरीफ मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता पर मांग के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए. साथ ही उर्वरकों का वितरण पूरी पारदर्शिता से करें. कहीं भी कृत्रिम अभाव, जमाखोरी अथवा कालाबाजारी की शिकायत नहीं मिलना चाहिए.
