नई दिल्ली | 13 जनवरी, 2026: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक नया कानून लागू करने जा रही है। इस कानून के तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा या देखभाल नहीं करता है, तो उसके वेतन से 10 प्रतिशत की अनिवार्य कटौती की जाएगी। काटी गई यह राशि सीधे माता-पिता के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी ताकि वे अपना जीवनयापन सम्मान के साथ कर सकें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों को अब अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा और उनके लिए विशेष डे-केयर सेंटर भी खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने राज्य के नागरिकों के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में एक नई ‘हेल्थ केयर पॉलिसी’ पेश करने का वादा किया है। इसके साथ ही सरकार ने दिव्यांगों के कल्याण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रजा भवन से आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने दिव्यांगों को मोटराइज्ड वाहन, बैटरी वाली व्हीलचेयर, लैपटॉप और हियरिंग एड जैसे आधुनिक उपकरण मुफ्त वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मानवीय दृष्टिकोण के साथ समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति स्वयं को असहाय महसूस न करे।
सामाजिक न्याय को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब नगर निगमों में ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों को ‘सह-सदस्य’ के रूप में नामित किया जाएगा, जिससे वे अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुँचा सकेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार ने नवविवाहित दिव्यांग जोड़ों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया है। शिक्षा और रोजगार में विशेष आरक्षण के साथ-साथ इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना है।

