नई दिल्ली | 12 जनवरी, 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कोलकाता में आयोजित एक डिबेट के दौरान अय्यर ने कहा कि “हिंदुत्व” असल में “डर में जीता हुआ हिंदू धर्म” है। उन्होंने दावा किया कि हिंदुत्व 80% हिंदुओं को 14% अल्पसंख्यकों से डराने का काम करता है। अय्यर ने वीर सावरकर का जिक्र करते हुए हिंदुत्व को एक राजनीतिक एजेंडा करार दिया और कहा कि हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक मार्ग है, जिसे हिंदुत्व जैसे किसी राजनीतिक संरक्षण की आवश्यकता नहीं है।
अय्यर ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच बुनियादी अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि गांधीजी और स्वामी विवेकानंद का हिंदू धर्म समावेशी था, जबकि सावरकर का हिंदुत्व इसे संकुचित करता है। उन्होंने एक विवादास्पद उदाहरण देते हुए कहा कि हिंदुत्व का मतलब वह सोच है जो चर्च जाने वाली आदिवासी लड़की को प्रताड़ित करती है। उनके अनुसार, हिंदू धर्म हजारों वर्षों से बिना किसी राजनीतिक विचारधारा के फलता-फूलता रहा है, लेकिन वर्तमान में इसे एक खास ढांचे में ढालने की कोशिश की जा रही है जो इसके मूल स्वभाव के विपरीत है।
मणिशंकर अय्यर के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस एक बार फिर हिंदुओं को विभाजित करने और अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि हिंदुत्व का अर्थ ‘हिंदू तत्व’ है, जो धर्म का मूल सार है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव के समय जानबूझकर हिंदू आस्था और विचारधारा को निशाना बनाती है ताकि वोट बैंक का ध्रुवीकरण किया जा सके।

