वियनतियाने, 11 जनवरी (वार्ता/शिन्हुआ) दक्षिण-पूर्व एशियाई देश लाओस ने एक महत्वाकांक्षी विजन दस्तावेज अपनाते हुए वर्ष 2055 तक खुद को एक ‘उच्च मध्य आय’ वाले विकासशील राष्ट्र में बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लाओस के सत्तारूढ़ राजनीतिक दल ‘लाओ पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी’ की तीन दिवसीय 12वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। विशेष रूप से वर्ष 2055 इस पार्टी की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ का भी वर्ष होगा। इस राष्ट्रीय कांग्रेस के दौरान आगामी 10वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) को भी मंजूरी दी गई, जिसमें देश की औसत वार्षिक आर्थिक विकास दर 6 प्रतिशत हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि देश के समाजवादी विकास ने भविष्य की एक ठोस दिशा तय की है।
लाओस के विकास मॉडल में चीन की भूमिका सबसे प्रमुख बनकर उभरी है।
लाओस के लोक निर्माण और परिवहन मंत्री लेकले सिविले ने बताया कि चार साल पहले शुरू हुई चीन-लाओस रेलवे परियोजना ने क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार को आसान बनाकर सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति दी है। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। चीन-लाओस 500 केवी पावर ग्रिड इंटरकनेक्शन परियोजना और चीन की सहायता से निर्मित महोसोत सामान्य अस्पताल ने देश की बुनियादी क्षमताओं को मजबूत किया है। चीन के साथ उसके संबंधों ने देश में समाजवादी व्यवस्था को और गहराई प्रदान की है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन वर्तमान में लाओस में निवेश का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है, जिसका कुल निवेश 1,624.86 अरब रुपये से अधिक हो गया है। व्यापारिक मोर्चे पर भी दोनों देशों के बीच संबंधों में निरंतर विस्तार हो रहा है। वर्ष 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 742.92 अरब रुपये रहा, जबकि 2025 की पहली छमाही में ही यह 415.24 अरब रुपये तक पहुंच गया है। सरकार का मानना है कि बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और गरीबी उन्मूलन परियोजनाओं में चीन के साथ यह रणनीतिक साझेदारी लाओस को उसके 2055 के लक्ष्य तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।

