
सीधी। प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच से शुरू की गई विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण्) यानी वीबी-जी रामजी योजना वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाली ऐतिहासिक योजना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाकर गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलने का कार्य करेगी।
यह विचार उन्होंने भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। पत्रकार वार्ता की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने की। प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को न्यूनतम 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। मजदूरी का भुगतान 15 दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यदि मांग के बाद भी रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी रखा गया है। यह योजना ग्रामीण मजदूरों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में इस योजना का बजट मात्र 35 हजार करोड़ रुपये था जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले बढ़ाकर 74 हजार करोड़ किया और अब सुधारों के साथ इसे 95 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि ग्रामीण भारत के प्रति केन्द्र सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया गया है। 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना के माध्यम से कृषि को उद्योग और रोजगार से जोड़ा जाएगा। नई योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय भवन, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज, ग्रामीण पार्किंग, सौर एवं नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, जैविक खाद इकाइयां, पशुपालन, मुर्गी पालन व मत्स्य पालन शेड, नर्सरी, ग्रामीण सडक़, पुल-पुलिया, पंचायत भवन, आपदा क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत जैसे कार्य शामिल किए गए हैं। इससे स्थायी विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि योजना में जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग, बायोमेट्रिक भुगतान प्रणाली और ग्राम सभा के माध्यम से सोशल ऑडिट का प्रावधान किया गया है। ग्राम पंचायतों को परिवारों का पंजीयन, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने और कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों के निष्पादन का अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई योजना में राज्यों को 60 दिन अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है जिससे बुवाई और कटाई के समय खेतों में पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहेंगे। इससे किसानों और मजदूरों-दोनों को लाभ होगा। प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना से गांवों में ही रोजगार मिलेगा, जिससे पलायन रुकेगा, परिवार एकजुट रहेंगे और स्थानीय बाजार सशक्त होंगे। यह योजना किसान, मजदूर और गांव-तीनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना एक जनकल्याणकारी और दूरदर्शी योजना है। कांग्रेस केवल भ्रम फैलाकर ग्रामीणों को गुमराह करने का कार्य कर रही है। उन्होंने पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस योजना के लाभ जन-जन तक पहुंचाएं।
महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता
योजना में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, भूमिहीन मजदूरों, दिव्यांग मुखिया परिवारों, छोटे व सीमांत किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास केन्द्र, वर्क-शेड और ग्रामीण हाट अवसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधायक शरदेन्दु तिवारी, धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य इंद्रशरण सिंह चौहान, के.के.तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू रामजी सिंह, जनपद अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार, योजना टोली संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष शिवदान साकेत, कपूरचंद साहू, सूर्य प्रताप सिंह, जिला मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र मणि दुबे, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष राजमणि साहू, भानु पाण्डेय, सोशल मीडिया जिला संयोजक जितेन्द्र तिवारी सहित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
