इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जल जनित घटना के बाद अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है. क्षेत्र में प्रभावित नागरिकों के स्वास्थ्य में भी लगातार सुधार आ रहा है. क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल के वितरण की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.यह जानकारी आज यहाँ अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय नीरज मंडलोई और इंदौर जिले के प्रभारी तथा अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन की विशेष उपस्थिति में सम्पन्न हुई समीक्षा बैठक में दी गई.
बैठक में भागीरथपुरा क्षेत्र की स्थिति के बारे में समीक्षा की गई. बैठक में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. अपर मुख्य सचिव श्री मण्डलोई और श्री राजन ने बैठक में बताया कि आपदा को अवसर में बदलकर पूरे शहर को दूषित जल से मुक्ति के लिये कारगर प्रयास सुनिश्चित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी शुद्ध जल अभियान प्रारंभ किया जा रहा है.
अभियान के तहत शुद्ध जल आपूर्ति पर विशेष फोकस रहेगा। अभियान में सभी जल स्रोतों की जांच, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता के कार्य प्राथमिकता से होंगे. इस घटना को एक चेतावनी मानते हुए पूरे प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था की सतत समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और नागरिकों को सुरक्षित पेयजल एवं सुरक्षित जीवन परिवेश मिल सके. श्री मण्डलोई ने बैठक में नगर निगम को निर्देश दिए कि शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर समय तत्पर और सजग रहे.
व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान प्रारंभ किया जाएगा
बैठक में उपचार व्यय पर निगरानी के निर्देश दिए गए. अस्पतालों में किए गए उपचार का आर्थिक भार किसी भी प्रभावित परिवार पर न पड़े, इसके लिए कलेक्टर स्वयं सतत निगरानी करेंगे. डिस्चार्ज होते समय इस बात पर फोकस करें कि उनके बिल की राशि न मांगी जाए. भागीरथपुरा क्षेत्र में एक व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा, ताकि सभी नागरिकों के स्वास्थ्य की समुचित जांच हो सके. कोमॉर्बिडिटी (अन्य बीमारियों) की पहचान और जागरूकता अभियान चलेगा. आमजन का भरोसा बहाल करने के उद्देश्य से एक विशेष जनविश्वास अभियान चलाया जाएगा.
भागीरथपुरा क्षेत्र के लगभग 50 हजार परिवारों को 20-25 जोन में विभाजित किया जायेगा. गठित स्वसहायता समूहों और आवश्यकता के अनुसार नए स्वसहायता समूह गठित कर स्थानीय महिलाओं और आमजन की भागीदारी विकासात्मक तथा कल्याणकारी गतिविधियों में सुनिश्चित की जायेगी. प्रत्येक 50-100 घरों पर एक प्रभारी अधिकारी तैनात रहेंगे. तत्कालिक एवं दीर्घकालिक समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि समस्या के तत्काल निवारण के साथ-साथ स्थायी समाधान हेतु भी ठोस प्रयास किए जाएं. अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने कहा कि यह पूरा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन एवं सतत सुपरविजन में किया जा रहा है.
मुख्य निर्णय एवं कार्ययोजना
बैठक में बताया गया कि मेन पाइपलाइन से जुड़े सभी शासकीय बोरवेल सील किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार का कंटामिनेशन रोका जा सके. 13 जनवरी से टंकी के माध्यम से जलप्रदाय पुनः प्रारंभ किया जाएगा. जल शुद्ध पाए जाने के बावजूद एहतियातन उबालकर पानी पीने की एडवाइजरी जारी रहेगी.
शहरव्यापी दीर्घकालिक सुधार
बैठक में बताया गया कि केवल भागीरथपुरा नहीं, बल्कि पूरे इंदौर शहर की जल आपूर्ति एवं भूजल गुणवत्ता की निगरानी की जायेगी. इसके लिये पूरे शहर के 105 ओवरहेड टैंकों पर इलेक्ट्रॉनिक/कंप्यूटरीकृत वाटर एनालाइज़र लगाए जाएंगे. रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम में विशेष व्यवस्था होगी. सीवेज लाइन, मेन पाइपलाइन, चैंबरों की लीकेज रोकथाम, प्लास्टरिंग एवं सीलिंग के कार्य को प्राथमिकता के साथ किया जायेगा. अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण रही, लेकिन इससे सबक लेते हुए शासन-प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो. पीड़ितों को श्रेष्ठ चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराना और नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करना प्राथमिकता है.
स्थिति में निरंतर सुधार
बैठक में बताया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किए जा रहे कार्यों से स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्र में सघन दौरा किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा उल्टी दस्त के जो मरीज स्वस्थ होकर लोटे थे, उनका लगातार फालोअप किया जा रहा है. भागीरथपुरा क्षेत्र में विस्तृत सर्वे कार्य पूर्ण हो गया है. सर्वे में लगभग 61 टीमें बनाई गई थी. प्रत्येक टीम ने घरों में कोबो टूल के माध्यम से रियल टाईम सर्वे किया. इसके तहत सर्वे टीम ने भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रत्येक घर में ओ.आर.एस. के 10 पैकेट एवं जिंक की 30 टेबलेट वितरित की. इसके साथ-साथ ही एक क्लिनवेट ड्राप भी वितरित किए गए. सर्वे टीम द्वारा नागरिकों को क्लिनवेट के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया.
