
अजमेर। राजस्थान की हाई सिक्योरिटी जेल इन दिनों सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जेल में लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा, राजू ठेहट और आनंदपाल सिंह गैंग से जुड़े 90 से अधिक कुख्यात अपराधी बंद हैं। इनमें कई ऐसे बदमाश भी शामिल हैं जो एक-दूसरे के जानी दुश्मन माने जाते हैं। ऐसे में जेल प्रशासन के सामने हर समय गैंगवार और हिंसक झड़प की आशंका बनी रहती है।
सूत्रों के मुताबिक जेल प्रशासन ने इन गैंगों से जुड़े अपराधियों को अलग-अलग बैरकों में रखा है और उनकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। जेल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि संवेदनशील कैदियों की आवाजाही और मुलाकातों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन को आशंका है कि पुराने आपराधिक विवाद और वर्चस्व की लड़ाई जेल के भीतर भी हिंसक रूप ले सकती है।
राजस्थान में सक्रिय संगठित अपराध के नेटवर्क में लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग का प्रभाव लगातार चर्चा में रहा है, वहीं राजू ठेहट और आनंदपाल गैंग के बीच पुरानी रंजिश भी कई बड़ी वारदातों की वजह बनी है। यही कारण है कि इन गैंगों से जुड़े अपराधियों को एक ही जेल में रखना सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
हाल ही में जेल के भीतर अपराधियों के बीच वर्चस्व को लेकर तनाव और हिंसा की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। कुछ समय पहले हाई सिक्योरिटी जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई थी। इसके बाद निगरानी और सख्त कर दी गई है।
जेल प्रशासन का कहना है कि सभी हाई-रिस्क कैदियों की गतिविधियों पर सीसीटीवी और विशेष निगरानी तंत्र के जरिए नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही किसी भी संभावित गैंगवार या सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, एक ही परिसर में कई दुश्मन गैंगों के सदस्यों की मौजूदगी को देखते हुए खतरा पूरी तरह टला नहीं माना जा रहा है।
