
जबलपुर। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी डीपी सूत्रकार की अदालत ने पीएनबी हाउसिंग व बीमा कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है। मामला लोन की राशि अवैध रूप से मांगे जाने के रवैये को चुनौती से संबंधित है। कोर्ट ने मैनेजर, पीएनबी हाउसिंग फाईनेंस लिमिटेड व मैनेजर आईसीआईसीआई लुम्बार्ड को आगामी सुनवाई तिथि नौ फरवरी को उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
परिवादी रीना खरे की ओर से अधिवक्ता बनारसी राय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि परिवादी द्वारा अपने पति अरविंद खरे द्वारा लिए गए 25 लाख रुपये के लोन की राशि अवैध रूप से फाइनेंस कंपनी द्वारा मांग किए जाने पर आपत्ति जताई है। दरअसल, रीना खरे के पति अरविंद खरे ने पंजाब नेशनल हाउसिंग बैंक से 23 जुलाई, 2020 को 25 लाख रुपये का लोन लिया था और आईसीआईसीआई लुम्बार्ड कंपनी से एक लाख 25 हजार का बीमा कराया था। पालिसी की अवधि वर्ष 2020 से वर्ष 2025 तक की थी। उसके पति का निधन नौ जून, 2025 को नागपुर में इलाज के दौरान लीवर सिरोसिस फोर्थ स्टेज की बीमारी के कारण निधन हो गया था। मृत्यु से संबंधित दस्तावेज बैंक एवं बीमा कंपनी को दिए गए। उसके बाद भी बैंक व बीमा कंपनी के अधिकृत एजेंट उसे काल करके परेशान करते हैं और लोन किश्त की मांग करते हैं। परिवादी कलेक्ट्रेट जबलपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है, जिसका वेतन 13 हजार रुपये मासिक है, इसीलिए बैंक व बीमा कंपनी के विरुद्ध संज्ञान लिए जाने का निवेदन किया है।
