नई दिल्ली/तेहरान | 09 जनवरी, 2026: ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के शासन के खिलाफ भड़का आक्रोश अब एक बड़े राजनीतिक संघर्ष में तब्दील हो गया है। सोशल मीडिया पर तेहरान का एक रूह कंपा देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला का चेहरा खून से लथपथ है, फिर भी वह निडर होकर सरकार विरोधी नारे लगा रही है। वीडियो में महिला कहती दिख रही है, “मुझे मरे हुए 47 साल हो गए हैं, मैं अब किसी से नहीं डरती।” इस शक्तिशाली दृश्य को ईरानी एक्टिविस्ट मासिह अलीनेजाद ने साझा करते हुए कहा कि यह उस ईरान की आवाज है जो 47 साल पहले छीने गए अपने अधिकारों को वापस पाने के लिए अब कुछ भी खोने को तैयार है।
जैसे-जैसे आंदोलन बढ़ रहा है, प्रदर्शनकारियों के सुर अब व्यापक बदलाव की मांग कर रहे हैं। तेहरान और मशहद जैसे शहरों में गुरुवार रात को निर्वासन में रह रहे क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की अपील पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। वीडियो में प्रदर्शनकारियों को “शाह लंबे समय तक जीवित रहें” और “पहलवी वापस आएगा” जैसे नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। आर्थिक संकट और महंगाई से शुरू हुआ यह विरोध अब सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन की मांग में बदल गया है, जिसने ईरान के सुरक्षा बलों और सरकार की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं।
ईरान के कई शहरों में स्थिति अब नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। इस्फहान में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी ब्रॉडकास्टिंग भवन को आग के हवाले कर दिया, जबकि डेज़फुल में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के बीच सीधी गोलीबारी की खबरें आई हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इस दमनकारी कार्रवाई में अब तक कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन ने अब तक 2,270 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। तमाम पाबंदियों और हिंसा के बावजूद, ईरानी नागरिक “तानाशाह मुर्दाबाद” के नारों के साथ पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

