नई दिल्ली | 09 जनवरी, 2026: भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर बड़े संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन जल्द ही औपचारिक रूप से जेपी नड्डा का स्थान लेंगे। 45 वर्षीय नबीन की नियुक्ति पर मुहर इसी महीने होने वाली राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी की बैठक में लगाई जाएगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के शीर्ष नेता शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, नबीन के अध्यक्ष बनते ही पार्टी एक ‘नई नवेली’ टीम के साथ सामने आएगी, जिसमें युवा चेहरों और दूसरी पंक्ति के नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को और अधिक आक्रामक बनाया जा सके।
संगठनात्मक फेरबदल का सीधा असर केंद्रीय मंत्रिमंडल पर भी देखने को मिलेगा। जून 2024 में सरकार बनने के बाद से अब तक कैबिनेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अब मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा के बाद बड़े बदलाव की संभावना है। इस फेरबदल में जाट समुदाय जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक समूहों को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर विचार चल रहा है, जिनकी भागीदारी वर्तमान में कम मानी जा रही है। इसके साथ ही, कई वरिष्ठ राज्यस्तरीय नेताओं को केंद्र में मंत्री पद या विभिन्न आयोगों और संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, जिससे सरकार और संगठन के बीच संतुलन साधा जा सके।
नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच तालमेल को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। मकर संक्रांति के बाद और बजट सत्र से पहले उन नेताओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी जो दशकों से संघ परिवार से जुड़े हैं लेकिन अब तक किसी मुख्य भूमिका में नहीं आए हैं। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे चुनावी राज्यों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक नियुक्तियां की जाएंगी। भाजपा और संघ मिलकर पार्टी शासित राज्यों के कामकाज की भी समीक्षा करेंगे, ताकि विचारधारा और गवर्नेंस के स्तर पर एक समान दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

