
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ. विक्रम चौधरी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर आर्थिक विफलताओं और प्रशासनिक अक्षमता को छिपाने के लिए धर्म और प्रतीकों के उपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने महात्मा गांधी से जुड़ी रोजगार गारंटी योजना को एक तकनीकी संक्षिप्त नाम में बदलने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे गांधीजी की विरासत का अपमान और राष्ट्रीय मूल्यों के खिलाफ बताया।
डॉ. चौधरी ने कहा कि ग्राम स्वराज की परिकल्पना से जुड़ी योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम जैसे पवित्र नाम को सरकारी फाइलों के संक्षेप में बदलना उसकी गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
इधर, मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पर कर्ज बढ़कर लगभग चार लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, जबकि बजट का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा वेतन और लोकलुभावन योजनाओं पर खर्च हो रहा है। ऐसे में रोजगार गारंटी योजना में 50 हजार करोड़ रुपये के योगदान को लेकर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।
डॉ. चौधरी ने कहा कि रोजगार का अधिकार मानवीय गरिमा से जुड़ा है और पर्याप्त बजट के बिना यह गारंटी केवल चुनावी नारा बनकर रह जाएगी। उन्होंने सरकार से बढ़ते कर्ज के बीच आजीविका की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की।
