
जबलपुर। नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा संबंधित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सीबीआई की जांच में अनसूटेबल पाये गये छात्र का स्थानांतरण सुटेबल कॉलेज के किये जाने के संबंध में हलफनामा के साथ जानकारी पेश करने के निर्देश जारी किये। युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की है।
गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की तरफ से प्रदेश में फर्जी तरह से संचालित नर्सिंग के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की जांच के निर्देश दिये थे। सीबीआई जांच में अनसूटेबल पाये गये छात्रों का स्थानांतरण सूटेबल कॉलेज में किये जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया गया था। जिसकी सुनवाई करते हुए अनसूटेबल कॉलेज के छात्रों का स्थानांतरण सीबीआई जांच में सूटेबल कॉलेज में किये जाने के आदेश जारी किये थे।
आदेश के बावजूद भी छात्रों को स्थानांतरण सूटेबल कॉलेज में न किये जाने पर याचिकाकर्ता की तरफ से अवमानना आवेदन दायर किया गया था। जिसकी सुनवाई के दौरान नर्सिंग काउंसिल की तरफ से न्यायालय को बताया गया था कि नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता नियमों में किसी जिले के छात्रों को उसी जिले में स्थानांतरित करने संबंधी प्रावधान के कारण हजारों छात्रों को स्थानांतरित करने में सीटों की समस्या आ रही है। युगलपीठ ने छात्र हित को ध्यान में रखते हुए मान्यता नियम के उस प्रावधान को इस प्रयोजन हेतु शिथिल करते हुए नर्सिंग काउंसिल को आदेश दिए थे कि तत्काल स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को सूटेबल कॉलेज में शिफ्ट किया जाए। याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की।
