टीकमगढ़: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के निवासी देवीदास अपनी बेटी की सलामती के लिए अनोखी और कठिन धार्मिक यात्रा पर निकले हैं। वे अमरावती से माता वैष्णो देवी के दरबार तक करीब 2050 किलोमीटर की दूरी लुढ़कते हुए तय कर रहे हैं। अब तक वे लगभग 800 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुके हैं और मंगलवार को टीकमगढ़ पहुंचे। सिविल लाइन रोड से गुजरते समय स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत कर हौसला बढ़ाया।
देवीदास ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी बेटी को करंट लग गया था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। हालत इतनी नाजुक थी कि डॉक्टरों ने बचने की उम्मीद कम जताई थी और सामान्य जीवन संभव न होने की बात कही थी। बेटी की स्थिति देखकर उन्होंने माता वैष्णो देवी से मन्नत मांगी थी कि यदि बेटी स्वस्थ हो गई तो वे वैष्णो देवी तक लुढ़कते हुए यात्रा करेंगे।
माता की कृपा से बेटी की प्लास्टिक सर्जरी सफल रही और अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही है। इसके बाद देवीदास ने अपनी मन्नत पूरी करने के लिए यह यात्रा शुरू की। उन्होंने बताया कि टीकमगढ़ से वे झांसी, आगरा, मथुरा और दिल्ली होते हुए माता वैष्णो देवी के दरबार तक पहुंचेंगे। यात्रा के दौरान उनके साथ एक सहयोगी साइकिल से चलता है, जो हर संभव मदद करता है।
