इंदौर के रहवासी संघ अपने क्षेत्र में पानी का ऑडिट करा लेंः सिंघार

इंदौर: इंदौर के रहवासी संघों, कॉलोनियों और मोहल्लों के लोगों को अपने अपने क्षेत्र में पानी का ऑडिट करना चाहिए. यदि जनता ने पानी का ऑडिट करा लिया तो नगर निगम की पोल खुल जाएगी कि किस तरह से भ्रष्टाचार किया जा रहा है. आज शहर में मल वाले पानी के बैक्टेरिया से कई घरों के चिराग बुझ गए है. मंत्री घंटा दिखा रहे हैं और नगर निगम में करोड़ों के भ्रष्टाचार किया जा रहा है. शहर की स्थिति यह है कि सड़क खोदो, टेंडर लगाओ और भ्रष्टाचार करो. इंदौर में यहीं चल रहा है. इंदौर की जनता चुप क्यों है?

यह बात प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने आज पत्रकारों से भागीरथपुरा के घटना को लेकर कही. आज प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष ने भागीरथपुरा घटना को लेकर पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा में कई घरों के चिराग बुझ गए हैं, अफसोस है कि ऐसे नए साल की शुरुआत हुई है. इंदौर व्यवसायिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन आज पूरे देश में मल वाले पानी सप्लाई को लेकर इंदौर पर कलंक लग गया है.

सरकार सो रही है और तानाशाही कर लोगों के आवाज दबाने का कार्य कर रही हैं. प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री घंटा घंटा कर रहे है. उनके इतने गंदे बोल पर भी मुख्यमंत्री द्वारा इस्तीफा नहीं लेना समझ से परे है. महापौर, पार्षद का भी इस्तीफा सरकार को लेना चाहिए, यह हमारी मांग है. सिंगार ने कहा कि 8 बार स्वच्छता का पुरस्कार मिला है और अधिकारी कैसे पुरस्कार ला रहे है, आपको पता है इंदौर का पानी स्वच्छ होता तो घटना नहीं घटती. यही स्थिति इंदौर में यातायात को लेकर है. इंदौर में नगर निगम का एक ही काम है कि सड़क खोदो, नए टेंडर लगाओ और भ्रष्टाचार करो.
जनता चुप क्यों है?
सिंगार ने सवाल किया कि इंदौर की जनता चुप क्यों है? भाजपा तानाशाही कर रही हैं. 125 करोड़ फर्जी बिल का घोटाला हो गया और 150 करोड़ का ड्रेनेज घोटाला, जिसमें 24 घंटे 5 किलोमीटर लाइन डाल दी. ऐसे कैसे 24 घंटे में इतनी लंबी लाइन डाल गई? एमवाय में बच्चों को चूहे कुतर जाते है और उनकी मौत हो जाती है. छिंदवाड़ा में भी बच्चों को सिरप से मौत हो जाती है, लेकिन किसी के जिम्मेदारी तय कर और जांच नहीं हो रही है.

इंदौर भाजपा की नगर निगम किस तरह से भ्रष्टाचार कर रही है, इसका उदाहरण है कि पार्षदों के करोड़ों के बंगले बन रहे और उसमें स्विमिंग पुल बन रहे है. सिंगार ने स्वच्छता पर सवाल किया कि शहर का 8 हजार करोड़ खर्च कर दिया गया है, लेकिन एमवाय की रिपोर्ट में जनता को मल वाला पानी पिलाया जा रहा है. भागीरथपुरा में भाजपा की नगर निगम मल वाला पानी सप्लाई कर रही है. आज शहर के बुद्धिजीवी वर्ग में विचारों की शून्यता आ गई है. शहर का पर्यावरण बिगड़ गया है. एयर मलिटी इंडेक्स 350 से उपर तक चला जाता है. यह हालत है इंदौर की। इंदौर के जनता ने भाजपा को भरपूर सहयोग दिया.
अधिकारियों पर अंकुश क्यों नहीं?
सिंगार न बताया कि भागीरथपुरा में पानी लाइन के टेंडर नगर निगम में 2022 के संकल्प 106 में उसके बाद एमआईसी को 30 जनवरी 23 को भेज दिया गया। टेंडर 30 जुलाई को जारी हो गया था , इसके बावजूद पांच महीने से क्यों नहीं खोला गया? रहवासियों ने बताया कि कई दिनों से शिकायत कर रहे हैं है, पानी गंदा आ रहा है, पानी में बास आ रही है। इसके बाद भी सरकार ने पूरी तरह नाकाबंदी कर घटना को दबाया. अधिकारी तब बेलगाम होते है, नेताओं का दबाव नहीं रहता है. भाजपा का अधिकारियों पर अंकुश नहीं है। भाजपा अधिकारियों लगाम नहीं लगा पा रही है.

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