इंदौर: रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जीआरपी ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. अब प्लेटफार्म पर दिन-रात मौजूद रहने वाले कुली और वेंडर पुलिस के लिए मुखबिर की भूमिका निभाएंगे. जीआरपी ने सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए इन्हें सीधे अपने नेटवर्क से जोड़ने की पहल की है.
रेलवे एसपी पद्मविलोचन शुक्ला ने बताया कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर होने वाली चोरी, लूट और अन्य वारदातों को रोकने के लिए पुलिस लगातार ठोस कदम उठा रही है.
अपराधियों तक समय रहते पहुंचने के लिए ज्यादा से ज्यादा सूचना मिलना जरूरी है, इसी उद्देश्य से अब कुलियों को भी पुलिस से जोड़ा जा रहा है. एसपी ने बताया कि आगामी 8 जनवरी से इस नीति के तहत काम करने की शुरुआत की जा रही है. इंदौर रेलवे स्टेशन पर इस समय 50 से अधिक कुली सेवाएं दे रहे हैं, जो हर प्लेटफार्म और ट्रेनों के आसपास लगातार सक्रिय रहते हैं. इन्हें स्टेशन की हर गतिविधि की जानकारी रहती है. दो दिन पहले कुलियों की बैठक लेकर उनसे इस योजना को लेकर चर्चा की गई, जिस पर उन्होंने पुलिस को सहयोग देने की सहमति भी दी है. इसके साथ ही स्टेशन पर काम कर रहे वेंडरों से भी सहयोग लिया जाएगा.
केवल पुलिस के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था संभालना मुश्किल
एसपी का मानना है कि आने वाले समय में इंदौर रेलवे स्टेशन का विस्तार हो रहा है और ट्रेनों की आवाजाही भी बढ़ने वाली है. आगामी सिंहस्थ को लेकर भी अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. उस दौरान यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ेगी, ऐसे में केवल पुलिस बल के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था संभालना मुश्किल होगा. इसी कारण सूचना तंत्र को मजबूत करना जरूरी है.
इस पहल से अपराधियों पर शिकंजा कसने में मिलेगी मदद
एसपी का कहना है कि कुली पूरे दिन प्लेटफार्मों पर सक्रिय रहते हैं और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर उनकी नजर सबसे पहले जाती है. यदि समय रहते सूचना मिल जाए, तो कई वारदातों को पहले ही रोका जा सकता है. रेलवे पुलिस को उम्मीद है कि इस नई पहल से रेलवे परिसर में अपराधियों पर शिकंजा कसने में बड़ी मदद मिलेगी.
