बैंक अधिकारी ने सेवानिवृत उप निरीक्षक को लगाया 40 लाख का चूना

जबलपुर: बैंक अधिकारी ने सेवानिवृत्त उप निरीक्षक को पेंशन मद की राशि से बीमा कराने के साथ अन्य योजनाओं का झांसा देकर गड़बड़झाला किया। साथ ही अमानत में ख्यानत करते हुए 40 लाख रूपए की रकम लेकर हड़प ली और फर्जी रसीदें थमा दी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस के मुताबिक रामसुमिरन यादव पिता स्व. गलाउ प्रसाद यादव 64 वर्ष निवासी अमखेरा सुशीला परिसर गली नंबर 7 गोहलपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे पुलिस विभाग से उप निरीक्षक के पद से सेवानिवृत है। गौरव आनंद एक अन्य व्यक्ति के साथ मार्च 2024 में पुलिस लाइन स्थित शासकीय क्वार्टर सिविल लाइन्स पर आए और पत्नी श्रीमती कमला यादव से मिले।

गोरव ने स्वयं को केनरा एचएसबीसी बैंक, सिविल लाइन्स का अधिकारी बताया। जिन्होंने केनरा बैंक में पेंशन मद से प्राप्त राशि को बीमा कराने जमा करने का आश्वासन दिया। पत्नी ने सूचित किया कि उक्त अधिकारी ने केनरा बैंक, सिविल लाइन्स बुलाया तो वे सेवानिवृत्त सुरज उपाध्याय के साथ मार्च 2024 में बैंक पहुँचा जहां गौरव आनंद कार्यरत मिला जिन्हें मना कर दिया। मार्च 2024 कों गौरव आनंद पुन: हमारे निवास पर आए। उन्होंने पुन: बीमा कराने को कहा और अपना- पहचान पत्र (बिना फोटो के) जिसमें नाम और पद अंकित था, हमें दिया। और अपना नाम गौरव आनंद बताया था।

गौरव आनंद नें हमे हमें विश्वास दिलाया कि बीमा योजना में कोई धोखाधड़ी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 5 वर्ष की बीमा योजना की प्रथम किस्त 1,25,000 होगी। इसके बाद चार ओर किश्तें इसी राशि की जमा करने पर 7 वर्षों बाद 12,50,000 प्राप्त होंगे। जिस पर बीमा कराने उसने सहमति दी और 1,25,000 का चेक भारतीय स्टेट बैंक, रांझी शाखा का गौरव आनंद को दिया। उन्होंने राशि केनरा बैंक में जमा करने का आश्वासन दिया, परंतु राशि जमा न कर अपने निजी उपयोग में लगा दी और हमें फर्जी बांड रसीद प्रदान की। इसके पश्चात गौरव आनंद द्वारा बताया गया कि आपकी पालिसि रिजेक्ट हो गई है मेडिकल टीम से परीक्षण करा देंगें। कुछ दिन बाद बताया गया कि चेक की राशि वापस आ गई है क्योंकि मैं फिट नहीं हूँ।

फिर पुन: 1,25,000 का चेक बीमा गौरव आनंद को दिया गया। उन्होंने इसे भरकर उपयोग किया। गौरव आनंद ने अपनी तरफ से 8,75,000 की बीमा करा दी है। यह जानकारी मुझे दी गई थी बीमा की पलिसी की बांड रसीद एवं 1,25,000 की पावती रसीद घर पर दी गई। गौरव आनंद ने कहा कि आधार कार्ड से पता न मिलने के कारण रसीद व बांड बैंक में बुलाकर स्वयं सौंपेंगे। वे अक्सर घर आकर केनरा बैंक से विभिन्न मदों में लाभ दिलाने का झांसा देकर चेक प्राप्त करते रहे और राशि का उपयोग स्वयं करते रहे। प्राप्त राशि के बदले विभिन्न मदों की रसीदें दी गईं। इस प्रकार बीमा व अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर 40 लाख रूपए की धोखाधड़ी कर चुका है। पुलिस ने रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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