सतना: शहर के नगरीय निकाय का कार्यकाल अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक सतना नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति नहीं हो सकी है। जबकि नगर निगम में कुल 45 वार्ड हैं और नियमानुसार कम से कम हर 5 वार्ड में एक एल्डरमैन की नियुक्ति अनिवार्य मानी जाती है। नगर निगम के गठन लगभग सवा 3 साल पूरे होने जा रहे हैं को करीब 18 महीने का कार्यकाल ही बचा है, अब तक एल्डरमैन की तैनाती को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल खड़े करती है। सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन कार्यकाल में ममता पुरारी सोनी, श्यामलाल गुप्ता, अनिल गुप्ता, केशव कोरी, रमाकांत गौतम, डॉ. उमेंद्र सिंह और ममता सोनी जैसे नाम सामने आए थे, लेकिन इन नामों पर सहमति बनने के बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
भोपाल से होती है नियुक्ति
एल्डरमैन की नियुक्ति न होने से नगर निगम की बैठकों, निर्णय प्रक्रिया और विशेष विषयों पर विशेषज्ञ सलाह का अभाव साफ नजर आ रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते एल्डरमैन की नियुक्ति होती, तो नगर विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बेहतर निर्णय लिए जा सकते थे। अब जबकि नगरीय निकाय का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, यह देखना अहम होगा कि नगर निगम प्रशासन अंतिम समय में इस दिशा में कोई कदम उठाता है या नहीं।
