केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग का गठन कर चुकी है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं। तीन सदस्यीय आयोग 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
असम ने 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे पहले कदम उठाया है। केंद्र सरकार के फैसले के बाद असम सरकार ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए नया वेतन आयोग बनाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 जनवरी 2026 को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि असम 8वां वेतन आयोग गठित करने वाला पहला राज्य बन गया है। इस फैसले से राज्य के करीब 7 लाख से ज्यादा सेवारत कर्मचारी और रिटायर्ड पेंशनर्स सीधे तौर पर प्रभावित होंगे, जिनकी सैलरी, पेंशन और भत्तों में आगे चलकर बदलाव देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने आयोग के चेयरमैन के नाम का भी ऐलान कर दिया है। असम के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष दास को इस नए वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह आयोग वेतन संरचना, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों में बदलाव को लेकर अपनी सिफारिशें देगा। खास बात यह है कि जहां केंद्र सरकार को 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद टर्म्स ऑफ रेफरेंस तय करने और सदस्यों की नियुक्ति में करीब 10 महीने लग गए थे, वहीं असम सरकार ने घोषणा के साथ ही चेयरमैन की नियुक्ति कर प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
