
छिंदवाड़ा। चार पांच दिनों बाद आसामान साफ होते ही सर्द हवाओं के कारण जिले में ठिठुरन बढ़ गई है। वैसे दिन में धूप निकलने से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन शाम ढलते ही सर्दी फिर से असर दिखाने लगती है। ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और भी गिरावट आएगी। सोमवार को सुबह कोहरा छाया रहा। बता दे कि नई साल की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज भी रोज बदल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में सुबह और शाम की सर्दी और बढऩे की संभावना जताई गई है। डॉ संत कुमार शर्मा के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के चलते ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के रूप में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से लगभग 3.1 किमी की ऊंचाई पर स्थित है मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ट्रफ़ माध्य समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी की ऊंचाई पर, लगभग देशांतर 75ए पूर्व के साथ तथा अक्षांश 33ए उत्तरी के उत्तर में विस्तृत है। उत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किमी प्रति घंटे की ऊंचाई पर लगभग 213 किमी प्रति घंटा गति से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाए बह रही है। इसीलिए शीतलहर का असर छिंदवाड़ा में देखा जा रहा है।
बच्चें और रोगियों को ठंड से बचाने की सलाह
ठंड बढऩे से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टरों ने हृदय रोगियों, बुजुर्गों, नवजातों और छोटे बच्चों को ठंड से बचने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में रक्तचाप, शुगर और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में छोटे बच्चे और बुजूर्गो का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ठंड बढऩे से बच्चे निमोनिया, सर्दी-जुकाम, खांसी सहित अन्य प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ सकते है। ऐसे में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखे और ठंड से बचाने के उपाये करे। बुजूर्गो को भी ठंड में ज्यादा देर न रहने दे। शीत लहर चलने से जिले में ठिठुरन बढ़ गई।
