अस्ताना, 05 जनवरी (वार्ता) कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायेव ने कहा है कि उनका देश आने वाले वर्षों में दुर्लभ मृदा धातु भंडार के मामले में दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो सकता है।
कजाख अखबार तुर्किस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक श्री टोकायेव ने कहा , “अगले पांच सालों में महत्वपूर्ण सामग्रियों की मांग बढ़ेगी। यह दोगुनी हो जाएगी। इससे कजाकिस्तान के लिए अवसरों का एक नया द्वार खुलेगा। काफी संभावना है कि हम दुर्लभ खनिजों के मामले में दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो जाएंगे।”
राष्ट्रपति ने कहा कि मध्य एशियाई देश इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, रूस, दक्षिण कोरिया, जापान और कुछ यूरोपीय संघ के देशों के साथ सहयोग विकसित कर रहा है।
श्री टोकायेव ने नवंबर के मध्य में सुझाव दिया था कि मध्य एशियाई देशों को दुर्लभ मृदा धातुओं के विकास और प्रसंस्करण के लिए अपने प्रयासों को मजबूत करना चाहिए और इस क्षेत्र में उन्नत तकनीकों को आकर्षित करना चाहिए।
